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2026 में फर्जी कॉल्स पर लगाम: CNAP और सिम बाइंडिंग सहित मोबाइल यूजर्स के लिए नए टेलीकॉम नियम

2026 में फर्जी कॉल्स पर लगाम: CNAP और सिम बाइंडिंग सहित मोबाइल यूजर्स के लिए नए टेलीकॉम नियम

नई दिल्ली, 27 दिसंबर 2025: साइबर फ्रॉड और फर्जी कॉल्स से परेशान मोबाइल यूजर्स के लिए अच्छी खबर है। दूरसंचार विभाग (DoT) और TRAI ने 2026 में कई नए नियम लागू करने की तैयारी की है, जो फर्जी कॉल्स और स्कैम को काफी हद तक रोकेंगे। मुख्य रूप से CNAP (Calling Name Presentation) और सिम बाइंडिंग जैसे फीचर्स यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाएंगे। ये नियम 2026 की पहली तिमाही में पूरे देश में लागू हो जाएंगे।

CNAP क्या है?

CNAP यानी कॉलर नेम प्रेजेंटेशन सर्विस इनकमिंग कॉल पर कॉलर का वेरिफाइड नाम दिखाएगी। यह नाम सिम खरीदते समय दिए गए KYC डेटा (आधार आदि) से लिया जाएगा। इससे अनजान नंबर पर भी कॉलर की असली पहचान पता चल जाएगी, और फर्जी बैंक/पुलिस बनकर ठगी करने वाले आसानी से पकड़े जा सकेंगे। TRAI ने अक्टूबर 2025 में इसे अप्रूव किया, फिलहाल जियो, एयरटेल और Vi कुछ सर्किल्स में ट्रायल कर रहे हैं। मार्च-अप्रैल 2026 तक पूरे देश में डिफॉल्ट रूप से ऑन होगा। प्राइवेसी के लिए CLIR ऑप्शन से नाम छिपाया जा सकेगा।

सिम बाइंडिंग का नियम

फ्रॉडस्टर्स अक्सर सिम निकालकर WhatsApp जैसे ऐप्स से स्कैम करते हैं। अब DoT ने मैसेजिंग ऐप्स (WhatsApp, Telegram आदि) के लिए सिम बाइंडिंग अनिवार्य किया है। ऐप तभी चलेगा जब रजिस्टर्ड सिम फोन में एक्टिव हो। फरवरी 2026 से लागू होगा। वेब वर्जन हर 6 घंटे में QR कोड से री-ऑथेंटिकेशन मांगेगा। इससे विदेशी स्कैमर्स को भी रोकने में मदद मिलेगी।

ये बदलाव साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए आए हैं, जहां हर साल अरबों रुपये की ठगी होती है। Truecaller जैसी ऐप्स की जरूरत कम हो जाएगी, क्योंकि CNAP नेटवर्क लेवल पर काम करेगा। हालांकि, 2G यूजर्स को शुरुआत में फायदा नहीं मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ये नियम डिजिटल सुरक्षा में बड़ा कदम हैं, लेकिन प्राइवेसी और इंप्लीमेंटेशन पर नजर रखनी होगी। नए साल में मोबाइल यूजर्स ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे!

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