मरने के बाद आत्मा का क्या होता है? कन्नड़ फिल्म ’45’ ने उठाया ये गहरा सवाल, फैन्स बोले- ‘दिमाग हिला डाला, क्लाइमैक्स में goosebumps’
मरने के बाद आत्मा का क्या होता है? कन्नड़ फिल्म ’45’ ने उठाया ये गहरा सवाल, फैन्स बोले- ‘दिमाग हिला डाला, क्लाइमैक्स में goosebumps’
बेंगलुरु, 25 दिसंबर 2025: क्रिसमस के दिन रिलीज हुई कन्नड़ फिल्म ’45’ ने थिएटर्स में धमाल मचा दिया है। म्यूजिक कंपोजर अर्जुन जन्या के डायरेक्शन डेब्यू में सुपरस्टार्स शिवराजकुमार, उपेंद्र और राज बी शेट्टी की तिकड़ी ने कमाल कर दिया। फिल्म की थीम ही कुछ ऐसी है कि दर्शक बाहर निकलते ही चर्चा कर रहे हैं- “मरने के बाद हमारी आत्मा के साथ क्या होता है?”
फिल्म गरुड़ पुराण और सनातन धर्म की मान्यताओं से इंस्पायर्ड है। इसमें दिखाया गया है कि मौत के बाद आत्मा का 45 दिनों का सफर होता है- इस दौरान कर्मों के आधार पर फैसला होता है कि आत्मा मोक्ष पाएगी या पुनर्जन्म लेगी। कहानी एक आम आदमी विनय (राज बी शेट्टी) की है, जो गलती से एक कुत्ता मार देता है। कुत्ते का मालिक रायप्पा (उपेंद्र) यमराज जैसा रूथलेस कैरेक्टर है, जो विनय को ठीक 45 दिन की मोहलत देता है। फिर एंटर होता है शिवप्पा (शिवराजकुमार), जो शिव का रूप है और विनय की रक्षा करता है।
फिल्म में जीवन, मौत, कर्म, भाग्य और भक्ति जैसे गहरे सवालों को एक्शन, इमोशन और VFX के साथ पेश किया गया है। निर्देशक अर्जुन जन्या ने ये आइडिया कोविड में अपने भाई की मौत से लिया है।
फैन्स की प्रतिक्रिया: ‘दिमाग हिला डाला!’
सोशल मीडिया पर फैन्स पागल हो रहे हैं। कई ने कहा- “क्लाइमैक्स में goosebumps आ गए, शिव तांडव जैसा लगा!”
एक यूजर ने लिखा: “शिवण्ण (शिवराजकुमार) की एंट्री और क्लाइमैक्स ने थिएटर हिला दिया। उपेंद्र और राज बी शेट्टी भी कमाल। 4.5/5!”
कुछ ने VFX और सेकंड हाफ को कमजोर बताया, लेकिन ओवरऑल बोले- “ब्लॉकबस्टर, माइंड-ब्लोइंग ट्विस्ट!”
फैन्स का कहना है कि फिल्म न सिर्फ एंटरटेन करती है, बल्कि जीवन-मृत्यु पर सोचने पर मजबूर कर देती है।
फिल्म कन्नड़ के अलावा हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम में भी रिलीज हुई है। अगर आप स्पिरिचुअल थीम वाली मसाला फिल्म देखना चाहते हैं, तो ’45’ जरूर देखें। थिएटर्स में हाउसफुल शो चल रहे हैं!
