‘डार्क प्रिंस’ तारिक रहमान की 17 साल बाद स्वदेश वापसी: भारत के लिए क्यों है अच्छी खबर?
‘डार्क प्रिंस’ तारिक रहमान की 17 साल बाद स्वदेश वापसी: भारत के लिए क्यों है अच्छी खबर?
ढाका, 25 दिसंबर 2025: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के कार्यवाहक चेयरमैन तारिक रहमान ने 17 साल के निर्वासन के बाद आज ढाका पहुंचकर स्वदेश लौट आए। ‘डार्क प्रिंस’ के नाम से मशहूर तारिक को हजरत शाहजहांलाल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लाखों समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। पत्नी जुबैदा, बेटी जैमा और पालतू बिल्ली के साथ लंदन से आए तारिक ने एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से रोड शो किया। फरवरी 2026 के चुनाव से पहले यह वापसी बीएनपी के लिए बड़ा बूस्ट है।
तारिक रहमान 2008 में शेख हसीना सरकार के दौरान भ्रष्टाचार और ग्रेनेड हमले जैसे मामलों में आरोपों के चलते लंदन चले गए थे। हसीना के सत्ता से हटने के बाद सभी 84 केसों से बरी हो गए। अब वे बीएनपी को चुनाव में लीड करेंगे, जहां पार्टी सबसे आगे है। बीमार मां खालिदा जिया से मिलने और बोगरा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी है।
भारत के लिए क्यों गुड न्यूज? अवामी लीग पर बैन के बाद यूनुस अंतरिम सरकार में पाकिस्तान से नजदीकियां बढ़ीं, जबकि भारत से रिश्ते खराब हुए। अल्पसंख्यकों पर हमले और सीमा तनाव बढ़ा। तारिक की वापसी से बीएनपी सत्ता में आई तो रिश्ते रीसेट हो सकते हैं। तारिक ने जमात-ए-इस्लामी से गठबंधन ठुकराया, जो पाक समर्थक माना जाता है। मोदी ने खालिदा की सेहत पर चिंता जताई तो बीएनपी ने धन्यवाद दिया – यह गर्मजोशी का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि बीएनपी ज्यादा उदारवादी और लोकतांत्रिक विकल्प है, जो रेडिकल इस्लामवाद को रोक सकता है। तारिक ने कहा, “न दिल्ली, न पिंडी – बांग्लादेश फर्स्ट”, लेकिन भारत के साथ संतुलित रिश्ते की उम्मीद है।
तारिक की वापसी से बांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो रहा है। चुनाव में बीएनपी की जीत भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए स्थिरता ला सकती है।
