GST कटौती के बाद जनवरी से फिर महंगी होंगी कारें: बढ़ते इनपुट कॉस्ट और करेंसी प्रेशर मुख्य वजह
GST कटौती के बाद जनवरी से फिर महंगी होंगी कारें: बढ़ते इनपुट कॉस्ट और करेंसी प्रेशर मुख्य वजह
नई दिल्ली, 25 दिसंबर 2025: सितंबर 2025 में GST 2.0 सुधारों के तहत कारों पर बड़ी टैक्स राहत मिलने से कीमतें घटी थीं, लेकिन अब नए साल से फिर दाम बढ़ने वाले हैं। मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, निसान, एमजी मोटर और होंडा जैसी कंपनियों ने जनवरी 2026 से 2-3% तक प्राइस हाइक का ऐलान किया है। छोटी कारों पर GST 28% + सेस से घटकर 18% और बड़ी/लक्जरी कारों पर 50% तक के प्रभावी टैक्स से 40% हो गया था, जिससे लाखों की बचत हुई। लेकिन अब बढ़ते कच्चे माल के दाम, रुपए की कमजोरी और लॉजिस्टिक्स खर्च ने कंपनियों को मजबूर कर दिया है।
GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग में छोटी कारों (पेट्रोल 1200cc तक, डीजल 1500cc तक, लंबाई 4 मीटर तक) पर 18% और बाकी पर 40% GST लागू हुआ, सेस हटने से कुल टैक्स बर्डन कम हुआ। इससे मारुति स्विफ्ट, ह्यूंदे क्रेटा जैसी कारें 50-60 हजार सस्ती हुईं, जबकि लक्जरी मॉडल्स जैसे मर्सिडीज GLS में भी 10% तक राहत मिली। फेस्टिव सीजन में रिकॉर्ड सेल्स हुईं, लेकिन अब यह बूस्ट फीका पड़ रहा है।
जनवरी में दाम क्यों बढ़ रहे? मुख्य वजहें:
रुपए की गिरावट: यूरो और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर, इंपोर्टेड पार्ट्स महंगे।
इनपुट कॉस्ट: स्टील, एल्यूमिनियम, चिप्स जैसे रॉ मटेरियल और फ्रेट चार्जेस बढ़े।
इंफ्लेशनरी प्रेशर: ऑपरेशनल खर्च ज्यादा, कंपनियां अब और अब्जॉर्ब नहीं कर पा रहीं।
मर्सिडीज 2%, बीएमडब्ल्यू 3%, निसान मैग्नाइट पर 3% (17-32 हजार तक), एमजी पर 2% और होंडा ने भी हाइक कन्फर्म किया। टाटा और महिंद्रा भी जल्द ऐलान कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि GST राहत का असर शॉर्ट-टर्म था, अब कॉस्ट प्रेशर से 2026 में 6-8% ग्रोथ के बावजूद कीमतें बढ़ेंगी।
खरीदारों के लिए सलाह: 31 दिसंबर तक बुकिंग करें तो पुरानी कीमत लॉक हो सकती है। लेकिन डिलीवरी 2026 में हो तो भी कुछ कंपनियां प्रोटेक्ट कर रही हैं। कुल मिलाकर, GST छूट के बाद का ‘सस्ता दौर’ खत्म हो रहा है, नए साल में कार खरीदना फिर महंगा पड़ने वाला है।
