ट्रंप के डोनर्स को मिले बड़े फायदे: बेटे को राजदूत बनवाया, सजाएं माफ कराईं – NYT की जांच में सनसनीखेज खुलासे!
ट्रंप के डोनर्स को मिले बड़े फायदे: बेटे को राजदूत बनवाया, सजाएं माफ कराईं – NYT की जांच में सनसनीखेज खुलासे!
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनके बड़े डोनर्स को मिलने वाले फायदों पर न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक बड़ी जांच ने हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 चुनाव के बाद ट्रंप और उनके सहयोगियों ने करीब 2 अरब डॉलर (लगभग 18 हजार करोड़ रुपये) का फंड जुटाया। इनमें से 346 बड़े डोनर्स (प्रत्येक ने कम से कम 2.5 लाख डॉलर दिए) में से आधे से ज्यादा को ट्रंप प्रशासन से सीधा फायदा मिला – जैसे राष्ट्रपति की माफी (पार्डन), मुकदमे खत्म करना, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स और राजदूत पद!
मुख्य खुलासे:
बेटे को राजदूत बनवाया: एक दंपति ने ट्रंप के इनॉगरल फंड में 10 लाख डॉलर और अन्य फंड्स में लाखों दिए। बदले में ट्रंप ने उनके बेटे हॉवर्ड ब्रॉडी को फिनलैंड में अमेरिकी राजदूत नियुक्त कर दिया। इसी तरह रोब्लॉक्स कंपनी के सीईओ ने बड़े डोनेशन के बाद अपने बेटे को राजदूत पद दिलवाया।
सजाएं माफ कराईं: एलिजाबेथ फागो ने 10 लाख डॉलर का डोनेशन दिया और ट्रंप से डिनर किया। तीन हफ्ते बाद उनके बेटे पॉल वाल्जैक की टैक्स फ्रॉड की सजा माफ कर दी गई। इसी तरह कई डोनर्स के परिवार या कंपनियों के को-फाउंडर्स को पार्डन मिले। एक कंपनी ने 2.5 लाख डॉलर दिए, उसके को-फाउंडर को अलग केस में माफी मिली।
अन्य फायदे: कई डोनर्स की कंपनियों के मुकदमे खत्म हो गए या रेगुलेशंस में छूट मिली। पलांटिर जैसी कंपनियों को करोड़ों के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स मिले। भारतीय मूल के कुछ सीईओ जैसे सत्य नडेला, सुंदर पिचाई भी बड़े डोनर्स में शामिल हैं, जिनकी कंपनियों को फायदा हुआ।
NYT का कहना है कि यह ‘पे-टू-प्ले’ (पैसे देकर फायदा) का स्तर अमेरिकी इतिहास में बेमिसाल है। व्हाइट हाउस ने आरोप खारिज किए, कहा कि डोनर्स सिर्फ अमेरिका को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। लेकिन आलोचक इसे भ्रष्टाचार बता रहे हैं। यह जांच ट्रंप प्रशासन की पारदर्शिता पर बड़े सवाल उठा रही है। क्या लोकतंत्र में पैसे से पद और माफी खरीदी जा सकती है?
