उत्तराखंड

उत्तरकाशी के नौगांव में सितंबर अतिवृष्टि पीड़ितों का इंतजार खत्म नहीं, साढ़े तीन महीने बाद भी राहत राशि नहीं मिली; ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी

उत्तरकाशी के नौगांव में सितंबर अतिवृष्टि पीड़ितों का इंतजार खत्म नहीं, साढ़े तीन महीने बाद भी राहत राशि नहीं मिली; ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी

उत्तरकाशी, 22 दिसंबर 2025: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के नौगांव क्षेत्र में 6 सितंबर 2025 को आई भयंकर अतिवृष्टि और बादल फटने की घटना से प्रभावित परिवार आज भी राहत के इंतजार में हैं। स्योरी फल पट्टी के वार्ड नंबर 5, 6 और 7 में देवलसारी गदेरे व नौगांव गदेरे के उफान से घरों-दुकानों में पानी घुस गया, फसलें बर्बाद हो गईं और खेतों में मलबा जमा हो गया। नगर पंचायत ने अकेले अपनी संपत्तियों का करीब 15 करोड़ रुपये का नुकसान बताया था।

घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया और X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर जिलाधिकारी को राहत-बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिए थे। डीएम ने क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल के साथ स्थलीय निरीक्षण भी किया। स्थानीय भाजपा नेताओं ने भी पीड़ितों से मुलाकात की और मदद का आश्वासन दिया। लेकिन साढ़े तीन महीने बीत जाने के बाद भी प्रभावितों को कोई सहायता राशि नहीं मिली है।

पीड़ितों का गुस्सा: काश्तकार गब्बर सिंह और सरदार सिंह सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों और खेतों में पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ, सामान खराब हो गया और फसलें तबाह हो गईं। उन्होंने कहा, “प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। अगर जल्द राहत नहीं मिली तो हम आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”

प्रशासन का पक्ष: बड़कोट तहसीलदार रेनू सैनी ने कहा कि आपदा के समय राजस्व उपनिरीक्षक ने नगर पंचायत क्षेत्र में हुए नुकसान की कोई औपचारिक रिपोर्ट नहीं सौंपी, जिसके आधार पर राहत राशि वितरित की जा सके। हालांकि, घटना के बाद SDRF और प्रशासन की टीमें राहत-बचाव में जुटी थीं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था।

यह घटना उत्तराखंड में मानसून के दौरान बार-बार होने वाली आपदाओं की याद दिलाती है। अगस्त में धराली क्षेत्र में बड़ी तबाही के बाद राहत वितरित की गई थी, लेकिन नौगांव के पीड़ितों का इंतजार अभी जारी है। प्रशासन से उम्मीद है कि जल्द रिपोर्ट पूरी कर राहत पहुंचाई जाएगी।

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