SIR को लेकर उत्तराखंड में सियासी सरगर्मी तेज, BJP-कांग्रेस ने बूथ स्तर पर BLA की सूची तैयार की; दिसंबर अंत तक आयोग को सौंपेंगी पार्टियां
SIR को लेकर उत्तराखंड में सियासी सरगर्मी तेज, BJP-कांग्रेस ने बूथ स्तर पर BLA की सूची तैयार की; दिसंबर अंत तक आयोग को सौंपेंगी पार्टियां
देहरादून, 22 दिसंबर 2025: देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच उत्तराखंड में भी इसकी गंभीरता साफ नजर आ रही है। निर्वाचन आयोग के अलावा प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां BJP और कांग्रेस SIR प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। पार्टियां बूथ स्तर तक नामित सदस्यों (Booth Level Agents – BLA) का विस्तृत लेखा-जोखा तैयार कर रही हैं, ताकि वोटर लिस्ट में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
उत्तराखंड में SIR की शुरुआत अगले साल की शुरुआत में होने की संभावना है, लेकिन प्री-SIR एक्सरसाइज पहले से ही चल रही है। राज्य निर्वाचन आयोग के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर BVRC पुरुषोत्तम ने बताया कि 2025 की वोटर लिस्ट को 2003 की लिस्ट से मैच करने का 70% काम पूरा हो चुका है। राज्य के 11,733 पोलिंग बूथों पर BLO (Booth Level Officers) रोजाना 30 घरों का दौरा कर रहे हैं। राजनीतिक दलों ने 4,155 BLA नियुक्त किए हैं, जो BLO के साथ मिलकर नामों की वेरिफिकेशन में मदद करेंगे।
राजनीतिक दलों की तैयारी: SIR के महत्व को समझते हुए BJP और कांग्रेस ने अपना होमवर्क तेज कर दिया है। पार्टियां ऐसे भरोसेमंद कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंप रही हैं, जो चुनावी प्रक्रियाओं और SIR जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पकड़ रखते हों। दावा है कि दिसंबर के अंत तक दोनों पार्टियां बूथ स्तर के BLA-2 सदस्यों की सूची राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप देंगी। विधानसभा स्तर पर BLA-1 की सूची पहले ही जमा कर दी गई है।
कांग्रेस ने 70 BLA-1 चिन्हित करने के साथ-साथ बूथ स्तर पर करीब 11,700 कार्यकर्ताओं की सूची लगभग तैयार कर ली है। पार्टी ने प्रभारियों को नियुक्त किया है, जो BLA-1 के साथ मिलकर BLA-2 की लिस्ट फाइनल कर रहे हैं। वहीं, BJP भी संगठनात्मक स्तर पर मंथन के बाद दूसरी सूची को अंतिम रूप दे रही है। BJP के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि दिसंबर की डेडलाइन से पहले BLA-2 की सूची आयोग को सौंपी जाएगी।
विवाद की छाया: SIR को लेकर देशभर में आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड में पार्टियां जमीनी तैयारी पर फोकस कर रही हैं। BJP ने दावा किया है कि कांग्रेस के कई सीनियर नेता, जैसे पूर्व CM हरीश रावत, वोटर डुप्लिकेशन के कारण लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। BJP प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा कि कांग्रेस SIR का विरोध इसलिए कर रही है क्योंकि उसके सदस्य “अवैध वोटर” के रूप में सामने आ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज किया है।
क्यों जरूरी है BLA?: BLA की भूमिका वोटर लिस्ट की सफाई में अहम है। पार्टियां ऐसे कार्यकर्ताओं को चुन रही हैं जो प्रक्रिया को गहराई से समझते हों। नामित BLA को पार्टी स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा सकें। ECI ने सभी पार्टियों से BLA नियुक्त करने पर जोर दिया है, ताकि ASD (Absent, Shifted, Dead) लिस्ट को बूथ-वाइज शेयर किया जा सके।
यह प्रक्रिया उत्तराखंड में चुनावी पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर SIR को लेकर विपक्ष ECI पर पक्षपात का आरोप लगा रहा है। आगे की जांच और अपडेट्स पर नजर बनी हुई है।
