बांग्लादेश में हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा: ढाका यूनिवर्सिटी छात्रों ने यूनुस सरकार पर लगाया धर्म का ढाल बनाने का आरोप, दिया अल्टीमेटम
बांग्लादेश में हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा: ढाका यूनिवर्सिटी छात्रों ने यूनुस सरकार पर लगाया धर्म का ढाल बनाने का आरोप, दिया अल्टीमेटम
ढाका, 21 दिसंबर 2025: बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की 18 दिसंबर को सिंगापुर में मौत के बाद देशभर में हिंसा भड़क उठी है। हादी की मौत की खबर फैलते ही प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख मीडिया संस्थानों प्रोथोम आलो और डेली स्टार के दफ्तरों पर हमला किया, आगजनी की और तोड़फोड़ मचाई। इसके अलावा भारतीय मिशनों पर पथराव और अन्य जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुईं। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने शांति की अपील की, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
हादी, जो 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे और शेख हसीना सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों में सक्रिय थे, 12 दिसंबर को ढाका में मस्जिद से निकलते समय गोली लगने से घायल हुए थे। सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यूनुस ने उनकी मौत को “राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति” बताया और राज्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया। हादी को ढाका यूनिवर्सिटी कैंपस में राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम के बगल में दफनाया गया।
हादी के सहयोगी और इंकिलाब मंच के नेता अब्दुल्लाह अल जाबेर ने यूनुस सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें हादी के हत्यारों को गिरफ्तार करने और गृह सलाहकार के इस्तीफे की मांग की गई है। ढाका यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार “धर्म को ढाल बनाकर भीड़ को उकसाने की कोशिश कर रही है” और हिंसा को भड़कावा दे रही है। कुछ रिपोर्ट्स में पहले भी यूनुस सरकार पर इस्लामिस्ट ग्रुप्स के दबाव में झुकने के आरोप लगे हैं, जैसे संगीत शिक्षकों की भर्ती रद्द करना।
हिंसा में मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया गया। प्रोथोम आलो और डेली स्टार के दफ्तरों में आग लगाई गई, जिसकी यूनुस सरकार ने निंदा की और इसे “प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला” बताया। चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग पर हमला हुआ, जबकि अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हिंसक हो गए। यूनुस ने जुमे की नमाज के बाद विशेष दुआ की अपील की और शांति बनाए रखने का आग्रह किया।
यह हिंसा फरवरी 2026 के चुनावों से पहले यूनुस सरकार की नियंत्रण क्षमता पर सवाल उठा रही है। हादी एंटी-इंडिया स्टैंड के लिए जाने जाते थे, और प्रदर्शनों में एंटी-इंडिया नारे लगे। भारत ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
