शरद पवार की NCP(SP) में उथल-पुथल: सुप्रिया सुले की अमित शाह से मुलाकात, कांग्रेस के EVM एजेंडे से दूरी… क्या हो रहा है पर्दे के पीछे?
शरद पवार की NCP(SP) में उथल-पुथल: सुप्रिया सुले की अमित शाह से मुलाकात, कांग्रेस के EVM एजेंडे से दूरी… क्या हो रहा है पर्दे के पीछे?
नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी NCP(SP) में इन दिनों कुछ असामान्य गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती सांसद सुप्रिया सुले ने 16 दिसंबर 2025 को अपने कुछ सांसदों के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह ऐसे समय हुई जब कांग्रेस EVM की विश्वसनीयता पर जोरदार हमला बोल रही है, लेकिन सुले ने स्पष्ट रूप से इससे दूरी बना ली।
सुले ने संसद में कहा, “मैं EVM पर सवाल नहीं उठाऊंगी, क्योंकि इन्हीं मशीनों से मैं चार बार सांसद चुनी गई हूं।” यह बयान INDIA गठबंधन में कांग्रेस के एजेंडे से अलगाव का संकेत माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मुलाकात में बीड सरपंच संतोष देशमुख हत्या मामले में न्याय की मांग और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मदद जैसे मुद्दे उठाए गए। लेकिन टाइमिंग ने अटकलें लगाईं कि क्या NCP(SP) कांग्रेस से दूरी बना रही है?
महाराष्ट्र में आगामी BMC और अन्य निकाय चुनावों की पृष्ठभूमि में यह और दिलचस्प हो जाता है। शरद पवार मुंबई से दूरी बनाए हुए हैं, जबकि अजित पवार गुट के साथ स्थानीय स्तर पर गठबंधन की बातें चल रही हैं। सुले ने खुद कुछ नेताओं से फोन पर वोट बंटने से रोकने की सलाह दी, जिससे दोनों NCP गुटों के बीच बातचीत शुरू हुई। प्रफुल्ल पटेल जैसे नेता भी शाह से मिले, और चर्चा निकाय चुनावों पर केंद्रित बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद शरद पवार गुट रणनीति बदल रहा है। कांग्रेस के आक्रामक तेवरों से अलग होकर केंद्र से मुद्दों पर सहयोग लेना और अजित गुट से स्थानीय स्तर पर समझौता – यह पार्टी की उत्तरजीविता की रणनीति हो सकती है। हालांकि, सुले और पवार ने इसे महाराष्ट्र के हितों से जुड़ा बताया है।
क्या यह INDIA गठबंधन में दरार का संकेत है या सिर्फ व्यावहारिक राजनीति? आने वाले निकाय चुनाव इसकी असली परीक्षा होंगे। फिलहाल, पवार खेमे में सब कुछ सामान्य नहीं लग रहा।
