वास्तु टिप्स: पूर्वजों की तस्वीर इस दिशा में लगाई तो घेर लेगी गरीबी और नकारात्मकता!
वास्तु टिप्स: पूर्वजों की तस्वीर इस दिशा में लगाई तो घेर लेगी गरीबी और नकारात्मकता!
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में पूर्वजों को पूजनीय माना जाता है और उनकी तस्वीरें घर में लगाकर उनकी याद को जीवित रखा जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन तस्वीरों को गलत दिशा में लगाना बड़ा वास्तु दोष पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में पूर्वजों की तस्वीर लगाना सख्त मना है। यह देवताओं की दिशा मानी जाती है, और यहां पितरों की फोटो लगाने से देवता रुष्ट हो जाते हैं, जिससे घर में मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह, आर्थिक हानि और गरीबी जैसी समस्याएं घेर लेती हैं।
वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक, दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा कहा जाता है। इसलिए पूर्वजों की तस्वीरें दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दीवार पर लगानी चाहिए, ताकि उनका मुख उत्तर दिशा की ओर रहे। इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
ये गलतियां भूलकर भी न करें:
पूजा घर या मंदिर में पूर्वजों की तस्वीर न लगाएं, इससे देवदोष लगता है।
बेडरूम, किचन या ऐसे स्थान पर न रखें जहां बाहरी लोगों की नजर पड़ती हो।
जीवित लोगों की फोटो के साथ मृत पूर्वजों की तस्वीर न लगाएं, इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
एक से ज्यादा तस्वीरें न लगाएं, सिर्फ 2-3 ही काफी।
तस्वीर लटकाकर न रखें, लकड़ी के स्टैंड पर रखें और जगह साफ-सुथरी रखें।
वास्तु के इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और पितरों की कृपा बनी रहती है। अगर आपकी तस्वीरें गलत दिशा में हैं, तो जल्द सुधार करें, अन्यथा आर्थिक संकट और कलह बढ़ सकता है।
