घर के मुख्य द्वार की ये गलतियां रोकती हैं लक्ष्मी का आगमन! वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार जरूरी नियम जानें
घर के मुख्य द्वार की ये गलतियां रोकती हैं लक्ष्मी का आगमन! वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार जरूरी नियम जानें
नई दिल्ली, 16 दिसंबर 2025: वास्तु शास्त्र में घर का मुख्य द्वार को ‘सिंह द्वार’ कहा जाता है, क्योंकि यहीं से सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। अगर मुख्य द्वार में वास्तु दोष हो तो धन-दौलत रुक जाती है, परिवार में कलह बढ़ती है और तरक्की थम जाती है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ सामान्य गलतियां घर में नकारात्मकता लाती हैं, जबकि सही नियम अपनाने से समृद्धि और सुख बढ़ता है।
ये गलतियां कभी न करें:
मुख्य द्वार पर कचरा, जूते-चप्पल या टूटा सामान न रखें, इससे धन हानि होती है।
द्वार के सामने शौचालय, सीढ़ी या दर्पण न हो, यह सकारात्मक ऊर्जा को वापस लौटाता है।
द्वार काला रंग का या टूटा-फूटा न हो, दरारें नकारात्मकता बढ़ाती हैं।
दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व दिशा में द्वार होने से तनाव और आर्थिक समस्या आती है।
वास्तु के खास नियम अपनाएं:
मुख्य द्वार उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में होना सबसे शुभ, इससे कुबेर की कृपा से धन बढ़ता है।
द्वार घर का सबसे बड़ा और मजबूत लकड़ी का हो, अंदर की ओर घड़ी की दिशा में खुले।
नामप्लेट लगाएं, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति या फोटो रखें, स्वास्तिक-ओम चिन्ह बनाएं।
द्वार को हमेशा रोशनी से जगमगाएं, रंगोली, तोरण और फूलों से सजाएं।
थ्रेशोल्ड (दहलीज) ऊंची रखें, इससे नकारात्मकता बाहर रहती है।
वास्तु विशेषज्ञ कहते हैं कि मुख्य द्वार साफ-सुथरा और आकर्षक हो तो घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। छोटे बदलाव से बड़ी खुशियां आ सकती हैं, लेकिन गंभीर दोष में विशेषज्ञ से सलाह लें।
