AI की वैश्विक रेस में भारत ने रचा इतिहास: स्टैनफोर्ड रिपोर्ट में तीसरे स्थान पर, UK और साउथ कोरिया को पछाड़ा
AI की वैश्विक रेस में भारत ने रचा इतिहास: स्टैनफोर्ड रिपोर्ट में तीसरे स्थान पर, UK और साउथ कोरिया को पछाड़ा
नई दिल्ली, 16 दिसंबर 2025: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ह्यूमन-सेंटर्ड AI इंस्टीट्यूट (HAI) द्वारा जारी 2025 Global AI Vibrancy Tool रिपोर्ट में भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। अमेरिका पहले और चीन दूसरे स्थान पर है, जबकि भारत ने ब्रिटेन, साउथ कोरिया, सिंगापुर और जापान जैसे विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है।
2024 के डेटा पर आधारित इस रिपोर्ट में भारत को 21.59 स्कोर मिला है, जबकि अमेरिका 78.6 और चीन 36.95 स्कोर के साथ आगे हैं। पिछले साल सातवें स्थान पर रहे भारत ने चार पायदान की छलांग लगाई। साउथ कोरिया 17.24 और UK 16.64 स्कोर के साथ पीछे हैं। यह इंडेक्स सात पैरामीटर्स पर देशों की AI तैयारियों को मापता है: रिसर्च एंड डेवलपमेंट, रिस्पॉन्सिबल AI, इकोनॉमी, टैलेंट, पॉलिसी एंड गवर्नेंस, पब्लिक ओपिनियन और इंफ्रास्ट्रक्चर।
भारत की सफलता के पीछे मजबूत टैलेंट पूल, बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम, AI रिसर्च में सुधार और सरकारी पहलें जैसे India AI मिशन मुख्य हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत लोअर-मिडल इनकम देशों में AI इनोवेशन का लीडर बन रहा है। AI स्किल्स में भारत टॉप पर है, जबकि पब्लिक ओपिनियन और रिस्पॉन्सिबल AI में भी अच्छा प्रदर्शन।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रैंकिंग भारत को ग्लोबल AI हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार की 1.25 बिलियन डॉलर की निवेश योजना और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी से आगे और तेजी आएगी। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े इन्वेस्टमेंट में अभी अमेरिका-चीन से पीछे हैं।
यह उपलब्धि भारत के युवा इंजीनियर्स और पॉलिसी मेकर्स की मेहनत का नतीजा है, जो AI को ‘AI फॉर ऑल’ बनाने में जुटे हैं। आने वाले वर्षों में भारत AI की सुपरपावर बनने की राह पर है।
