93 साल बाद टूटी परंपरा: लेफ्टिनेंट सई जाधव बनीं IMA से पास आउट होने वाली पहली महिला अफसर
93 साल बाद टूटी परंपरा: लेफ्टिनेंट सई जाधव बनीं IMA से पास आउट होने वाली पहली महिला अफसर
देहरादून, 16 दिसंबर 2025: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) ने अपने 93 साल के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर की 23 वर्षीय सई जाधव IMA से प्रशिक्षण पूरा कर कमीशन प्राप्त करने वाली पहली महिला अफसर बन गई हैं। 1932 में स्थापित इस प्रतिष्ठित संस्थान से अब तक 67,000 से अधिक अफसर पास आउट हो चुके हैं, लेकिन कोई महिला नहीं। सई ने यह दीवार तोड़ी।
सई जाधव को टेरिटोरियल आर्मी (TA) में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिला है। वह IMA से ट्रेनिंग लेकर TA में शामिल होने वाली पहली महिला भी हैं। विशेष अनुमति के बाद उन्होंने छह महीने की कठिन ट्रेनिंग पूरी की, जो शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण थी। पासिंग आउट सेरेमनी में उनके माता-पिता ने कंधों पर स्टार्स लगाए, जो एक भावुक पल था।
सई चौथी पीढ़ी की सैन्य परिवार से हैं। उनके परदादा ब्रिटिश आर्मी में, दादा भारतीय सेना में और पिता मेजर संदीप जाधव वर्तमान में TA में सेवा दे रहे हैं। सई और उनके पिता TA में साथ सेवा करने वाली पहली पिता-पुत्री जोड़ी भी बन गए। ग्रेजुएशन के बाद नेशनल लेवल परीक्षा और SSB इंटरव्यू क्लियर कर सई ने IMA में जगह बनाई।
यह उपलब्धि महिलाओं के लिए सेना में नए द्वार खोलती है। फिलहाल NDA की 2022 बैच से चुनी गईं आठ महिला कैडेट्स IMA में ट्रेनिंग ले रही हैं। जून 2026 से महिला कैडेट्स नियमित रूप से पुरुष कैडेट्स के साथ ट्रेनिंग लेंगी और पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेंगी।
सई ने युवा लड़कियों से सेना में करियर बनाने की अपील की। उनकी सफलता लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो दिखाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
