इजरायली हमलों के बाद भारी बारिश ने गाजा को किया त्रस्त: टेंट डूबे, बच्चे की मौत, हालात भयावह
इजरायली हमलों के बाद भारी बारिश ने गाजा को किया त्रस्त: टेंट डूबे, बच्चे की मौत, हालात भयावह
गाजा सिटी, 15 दिसंबर 2025: इजरायली हमलों से पहले ही तबाह गाजा पट्टी में अब भारी बारिश और स्टॉर्म बायरन ने कहर बरपाया है। हजारों विस्थापित परिवारों के टेंट पानी में डूब गए, सड़कें नदियां बन गईं और सीवेज का पानी फैलने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया। संयुक्त राष्ट्र और फिलिस्तीनी अधिकारियों के अनुसार, यह संकट इजरायली हमलों से क्षतिग्रस्त इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से और गंभीर हो गया है।
स्टॉर्म बायरन ने 11-13 दिसंबर तक गाजा को प्रभावित किया। अल जजीरा और रॉयटर्स की रिपोर्ट्स में बताया गया कि सैकड़ों टेंट बाढ़ में बह गए, एक 18 महीने की बच्ची ठंड से मर गई और कम से कम 14 लोगों की मौत हुई, जिनमें बच्चे शामिल हैं। गाजा सिविल डिफेंस ने 2,500 से ज्यादा मदद के कॉल्स प्राप्त किए, लेकिन ईंधन की कमी और उपकरणों की बर्बादी से राहत कार्य बाधित हैं।
यूएन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 795,000 विस्थापित लोग निचले इलाकों में हैं, जहां ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह तबाह हो चुका है। बाढ़ का पानी सीवेज से मिलकर महामारी का खतरा पैदा कर रहा है। इजरायली प्रतिबंधों के कारण टेंट, ब्लैंकेट और वाटर पंप जैसी जरूरी सामग्री नहीं पहुंच पा रही। गाजा सरकार मीडिया ऑफिस ने इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
विस्थापितों की स्थिति दयनीय है – बच्चे कीचड़ में चल रहे, परिवारों के सामान बह गए। अल-मवासी और खान यूनिस जैसे ‘सुरक्षित जोन’ सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मानवीय संकट का नया अध्याय है, जहां युद्ध की तबाही पर प्रकृति का कहर। राहत के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।
