भागलपुर में बड़ा हादसा: गंगा में समाया विक्रमशिला सेतु का हिस्सा, टल गई बड़ी तबाही
भागलपुर में बड़ा हादसा: गंगा में समाया विक्रमशिला सेतु का हिस्सा, टल गई बड़ी तबाही
भागलपुर | ब्यूरो न्यूज़ बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर रविवार (4 मई) की देर रात एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। पिलर नंबर 133 के पास पुल का एक बड़ा स्लैब अचानक भरभरा कर गंगा नदी में समा गया। गनीमत यह रही कि जिला प्रशासन की मुस्तैदी और सही समय पर लिए गए फैसले की वजह से कोई जनहानि नहीं हुई, वरना यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।
ट्रक की टक्कर और फिर मच गई चीख-पुकार
जानकारी के मुताबिक, रात करीब 12:35 बजे एक अनियंत्रित ट्रक पुल के हिस्से से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उस पर टिका भारी-भरकम स्लैब डगमगाने लगा और धीरे-धीरे धंसने लगा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे।
महज 15 मिनट का फासला: अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत पुल पर मौजूद वाहनों और पैदल राहगीरों को बाहर निकालना शुरू किया। जैसे ही आखिरी शख्स को सुरक्षित बाहर निकाला गया, उसके ठीक 15 मिनट के भीतर पुल का वह हिस्सा ढहकर सीधे गंगा नदी में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर प्रशासन ने 10-15 मिनट की भी देरी की होती, तो कई जिंदगियां नदी में समा सकती थीं।
पूरे इलाके में अफरातफरी, पुल पूरी तरह सील
हादसे के बाद भागलपुर और नवगछिया, दोनों तरफ से पुल को पूरी तरह सील कर दिया गया है। आवागमन बंद होने से पुल के दोनों ओर ट्रकों और निजी वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और निर्देश:
डीएम नवल किशोर चौधरी ने मौके का मुआयना करने के बाद कहा, “सुरक्षा कारणों से पुल को बंद किया गया है। रात के समय हम कोई वैकल्पिक रास्ता शुरू नहीं कर सकते थे।”
भागलपुर आने-जाने वाले लोगों को फिलहाल मुंगेर के रास्ते डाइवर्ट किया गया है।
तकनीकी टीम पिलर और बाकी स्लैब की मजबूती की जांच कर रही है।
बिहार की ‘लाइफलाइन’ पर संकट, 1 लाख लोग प्रभावित
विक्रमशिला सेतु सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली मुख्य कड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, इस पुल से रोजाना 1 लाख से अधिक लोग और हजारों भारी वाहन गुजरते हैं। इस स्लैब के गिरने से अब भागलपुर और नवगछिया के बीच संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे व्यापार और आम लोगों की दिनचर्या पर बुरा असर पड़ा है।
सवालों के घेरे में रखरखाव
इस घटना ने बिहार में पुलों की सुरक्षा और उनके नियमित रखरखाव पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है कि आखिर एक ट्रक की टक्कर से पुल का स्लैब कैसे गिर गया? क्या पुल का स्ट्रक्चर पहले से ही कमजोर था? फिलहाल प्रशासन जांच की बात कह रहा है, लेकिन लाखों लोगों की आवाजाही अब अधर में लटकी हुई है।
बड़ी चेतावनी: भागलपुर प्रशासन ने अपील की है कि जब तक तकनीकी जांच पूरी न हो जाए, लोग इस मार्ग की ओर न आएं और वैकल्पिक रास्तों का ही प्रयोग करें।
