काउंटिंग से पहले स्ट्रॉंग रूम की सील कैसे तोड़ी जाती है? यहां समझें ECI की प्रक्रिया
काउंटिंग से पहले स्ट्रॉंग रूम की सील कैसे तोड़ी जाती है? (ECI प्रक्रिया)
नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की सख्त गाइडलाइंस के अनुसार, मतगणना (काउंटिंग) के दिन स्ट्रॉंग रूम की सील बेहद पारदर्शी तरीके से तोड़ी जाती है। यह प्रक्रिया उम्मीदवारों, उनके एजेंटों, रिटर्निंग ऑफिसर (RO), ऑब्जर्वर और सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी में होती है, ताकि कोई भी अनियमितता न हो। पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के साथ रिकॉर्ड की जाती है।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (ECI नियमों के अनुसार):
समय और सूचना: काउंटिंग शुरू होने से पहले तय समय पर सभी उम्मीदवारों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को सूचित किया जाता है। वे मौजूद रह सकते हैं।
सील की जांच:
सबसे पहले स्ट्रॉंग रूम के ताले और लगी सभी सीलों (ECI सील + उम्मीदवारों की सील) की जांच की जाती है।
सील पर कोई टेम्परिंग (छेड़छाड़) तो नहीं हुई, यह सबको दिखाया जाता है।
मशीनों के सीरियल नंबर आधिकारिक दस्तावेजों से मैच किए जाते हैं।
लॉग बुक एंट्री:
लॉग बुक में जरूरी एंट्री की जाती है कि सील ठीक है या नहीं। उम्मीदवारों/एजेंटों के संतुष्ट होने का रिकॉर्ड होता है।
सील तोड़ना:
रिटर्निंग ऑफिसर या अधिकृत अधिकारी सील तोड़ते हैं।
ताला खोला जाता है (डबल लॉक सिस्टम होता है — एक चाबी RO के पास, दूसरी ARO या अन्य अधिकारी के पास)।
यह सब कैमरे में रिकॉर्ड होता है और उम्मीदवारों के सामने।
EVM निकालना:
EVM (कंट्रोल यूनिट) और संबंधित दस्तावेज निकाले जाते हैं।
फिर उन्हें काउंटिंग हॉल में ले जाया जाता है, जहां गिनती शुरू होती है।
पूरी प्रक्रिया CCTV और वीडियोग्राफी में रिकॉर्ड होती है। किसी भी आपात स्थिति में पहले से सील खोलनी पड़े तो भी उम्मीदवारों को सूचना देकर, उनकी मौजूदगी में और री-सील करके ही किया जाता है।
सुरक्षा की खास बातें
स्ट्रॉंग रूम में डबल लॉक, 24×7 CCTV, CAPF सुरक्षा, फायर/फ्लड प्रूफ व्यवस्था।
उम्मीदवार भी अपनी सील लगा सकते हैं।
कोई भी अनधिकृत व्यक्ति अंदर नहीं जा सकता।
यह प्रक्रिया चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करती है। अगर किसी को शक हो तो वे मौके पर एजेंट के जरिए ऑब्जेक्ट कर सकते हैं।
स्रोत: चुनाव आयोग की आधिकारिक गाइडलाइंस और मैनुअल।
