खरमास कल से शुरू: 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक भूलकर भी न करें ये 6 बड़ी गलतियां, नहीं तो हो सकता है नुकसान
खरमास कल से शुरू: 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक भूलकर भी न करें ये 6 बड़ी गलतियां, नहीं तो हो सकता है नुकसान
नई दिल्ली, 15 दिसंबर 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, सूर्य देव कल यानी 16 दिसंबर 2025 से धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे खरमास (मलमास) की शुरुआत हो जाएगी। यह अवधि करीब 30 दिन तक चलेगी और 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति पर समाप्त होगी। खरमास को अशुभ माना जाता है क्योंकि इस दौरान सूर्य की स्थिति कमजोर हो जाती है और गुरु का प्रभाव भी प्रभावित होता है। इसलिए मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है।
ज्योतिष शास्त्र में खरमास को आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम समय बताया गया है, लेकिन कई काम करने से बचना चाहिए वरना जीवन में रुकावटें, आर्थिक हानि या पारिवारिक क्लेश हो सकता है। यहां जानिए वो 6 बड़ी गलतियां जिन्हें भूलकर भी न करें:
विवाह या सगाई: खरमास में शादी-सगाई या रोका जैसे कार्य वर्जित हैं। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में तनाव और समस्याएं आ सकती हैं।
गृह प्रवेश या निर्माण कार्य: नया घर खरीदना, गृह प्रवेश या घर की मरम्मत-निर्माण शुरू करना अशुभ माना जाता है। इससे परिवार में अशांति और आर्थिक नुकसान का खतरा रहता है।
नया बिजनेस या बड़ा निवेश: नया व्यापार शुरू करना, नौकरी जॉइन करना या बड़ा निवेश करने से बचें। इससे सफलता में बाधाएं और धन हानि हो सकती है।
मुंडन, नामकरण या अन्य संस्कार: बच्चे का मुंडन, नामकरण, अन्नप्राशन या जनेऊ जैसे संस्कार न करें। इनका फल नहीं मिलता और अशुभ प्रभाव पड़ता है।
वाहन या संपत्ति खरीद: नया वाहन, सोना-चांदी या बड़ी संपत्ति खरीदने से परहेज करें। इससे रखरखाव की समस्याएं या दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है।
तामसिक भोजन और क्रोध: लहसुन-प्याज, मांस-मदिरा जैसे तामसिक भोजन से दूर रहें और क्रोध या झगड़े से बचें। इससे सूर्य देव नाराज हो सकते हैं।
इसके बजाय खरमास में सूर्य को अर्घ्य दें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें, दान-पुण्य करें और धार्मिक ग्रंथ पढ़ें। यह समय आत्मशुद्धि और सूर्य की कृपा प्राप्त करने का है। मकर संक्रांति के बाद फिर शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे।
