केरल निकाय चुनाव 2025: BJP के लिए ऐतिहासिक जीत, लेकिन सीमित विस्तार; 12 पॉइंट्स में क्या पाया-क्या खोया
केरल निकाय चुनाव 2025: BJP के लिए ऐतिहासिक जीत, लेकिन सीमित विस्तार; 12 पॉइंट्स में क्या पाया-क्या खोया
केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में UDF ने शानदार प्रदर्शन किया, LDF को बड़ा झटका लगा, जबकि BJP-NDA ने राजधानी में इतिहास रचा। BJP के लिए यह चुनाव मिश्रित रहा – शहरी क्षेत्रों में बड़ी सफलता, लेकिन ग्रामीण स्तर पर सीमित। यहां 12 पॉइंट्स में BJP का पूरा निचोड़:
तिरुवनंतपुरम कॉरपोरेशन पर कब्जा: BJP-NDA ने 101 वार्डों में 50 जीते, LDF की 40+ साल पुरानी सत्ता खत्म। यह केरल में BJP की पहली कॉरपोरेशन जीत – ऐतिहासिक उपलब्धि।
2020 से तुलना में बढ़त: 2020 में तिरुवनंतपुरम में 34 वार्ड थे, अब 50 – शानदार सुधार। PM मोदी ने इसे “केरल राजनीति का watershed moment” बताया।
त्रिपुनिथुरा म्यूनिसिपैलिटी जीती: LDF से छीनकर 21 वार्ड हासिल किए – शहरी क्षेत्रों में दूसरी बड़ी जीत।
पलक्कड़ म्यूनिसिपैलिटी बरकरार: लगातार तीसरी बार कंट्रोल रखा – BJP का मजबूत गढ़ बना रहा।
ग्राम पंचायतों में मामूली बढ़त: 2020 में 19 से बढ़कर अब 26 पंचायतें जीतीं – ग्रामीण विस्तार धीमा लेकिन सकारात्मक।
कुल म्यूनिसिपैलिटी में 2 कंट्रोल: पलक्कड़ और त्रिपुनिथुरा – UDF के 54 के मुकाबले कम, लेकिन NDA के लिए प्रगति।
कन्नूर-कोच्चि जैसे LDF गढ़ों में सेंध: कन्नूर में कुछ वार्ड, कोच्चि में सीटें जीतीं – पारंपरिक लेफ्ट क्षेत्रों में पैठ।
वार्ड स्तर पर बेहतर प्रदर्शन: कई जगहों पर डबल डिजिट वार्ड जीते, जैसे कोल्लम में 10 – वोट शेयर बढ़ा।
ग्रामीण-ब्लॉक स्तर पर कमजोर: जिला पंचायतों में सिर्फ 1, ब्लॉक में सीमित – मुख्य रूप से शहरी फोकस।
कुछ पुरानी पंचायतें गंवाईं: जैसे कोट्टायम जिले में पलिक्काथोडु और मुथोली – छोटी क्षति।
2026 विधानसभा के लिए बूस्ट: तिरुवनंतपुरम जीत से दक्षिण केरल में आधार मजबूत, कार्यकर्ताओं में जोश।
कुल मिलाकर मिश्रित: शहरी ब्रेकथ्रू शानदार, लेकिन राज्यव्यापी UDF-LDF द्विपक्षीय लड़ाई में अभी तीसरा स्थान। BJP के लिए यह “शुरुआत” है, न कि पूर्ण विस्तार।
यह चुनाव 2026 असेंबली के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है – BJP अब विकसित केरल के नारे के साथ आगे बढ़ेगी।
