मनोरंजनराष्ट्रीय

पाकिस्तान को पिटते देखना दर्शकों की पहली पसंद: ‘धुरंधर’ की ब्लॉकबस्टर सफलता vs ‘120 बहादुर’ की असफलता

पाकिस्तान को पिटते देखना दर्शकों की पहली पसंद: ‘धुरंधर’ की ब्लॉकबस्टर सफलता vs ‘120 बहादुर’ की असफलता

नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2025: बॉलीवुड में राष्ट्रवाद की थीम वाली फिल्में हमेशा चर्चा में रहती हैं, लेकिन हाल की दो फिल्मों ने साफ कर दिया कि दर्शकों की पसंद क्या है। रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ ने रिलीज के पहले हफ्ते में ही ब्लॉकबस्टर का तमगा हासिल कर लिया, जबकि कुछ समय पहले रिलीज फरहान अख्तर की ‘120 बहादुर’ बुरी तरह फ्लॉप हो गई। दोनों फिल्में राष्ट्रवाद पर आधारित थीं, लेकिन फर्क सिर्फ दुश्मन का था—एक में पाकिस्तान, दूसरे में चीन।

‘धुरंधर’ पाकिस्तान के ल्यारी गैंगवार पर आधारित स्पाई थ्रिलर है, जहां भारतीय एजेंट पाकिस्तानी अपराधियों को सबक सिखाते नजर आते हैं। फिल्म ने तीन दिनों में ही 103 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली और ग्लोबली 140 करोड़ पार कर गई। दर्शक फिल्म की एक्शन, थ्रिल और ‘पाकिस्तान को पटकने’ वाले सीनों की तारीफ कर रहे हैं। यहां तक कि पाकिस्तान में भी कुछ दर्शकों ने फिल्म देखी और रिएक्शन दिए।

वहीं, ‘120 बहादुर’ 1962 के भारत-चीन युद्ध की वीरगाथा पर बनी थी, लेकिन दर्शकों ने इसे नकार दिया। फिल्म में चीन को दुश्मन दिखाया गया, लेकिन यह फॉर्मूला नहीं चला। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय दर्शक एक शक्तिशाली दुश्मन (चीन) से जूझने के बजाय कमजोर दिखने वाले दुश्मन (पाकिस्तान) को हारते देखकर ज्यादा रोमांच महसूस करते हैं। यह बदले की फैंटेसी और राष्ट्रवादी जोश को आसानी से भुनाता है।

यह ट्रेंड नया नहीं है। ‘फाइटर’ (2024) जैसी फिल्में, जहां पाकिस्तान बैकड्रॉप था, भी औसत रहीं, लेकिन पाकिस्तानी विलेन वाली कई फिल्में सुपरहिट हुईं। बॉक्स ऑफिस के आंकड़े साफ बताते हैं कि दर्शक पाकिस्तान को ‘पिटते’ देखना ज्यादा पसंद करते हैं—यह आसान जीत का सुख देता है। क्या यह बॉलीवुड की रणनीति है या दर्शकों की मानसिकता? चर्चा जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *