बंगाल की खाड़ी में भारत की लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण की तैयारी: 3550 किमी तक डेंजर जोन घोषित
बंगाल की खाड़ी में भारत की लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण की तैयारी: 3550 किमी तक डेंजर जोन घोषित
नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2025: भारत ने रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बंगाल की खाड़ी में लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण के लिए नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है। इस अधिसूचना के तहत 17 से 20 दिसंबर तक लगभग 3550 किलोमीटर तक का डेंजर जोन घोषित किया गया है, जिससे हवाई और समुद्री यातायात पर अस्थायी प्रतिबंध लगेगा।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह परीक्षण डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) और भारतीय नौसेना की संयुक्त देखरेख में होगा। डेंजर जोन की यह दूरी पहले के परीक्षणों से काफी अधिक है। दिसंबर की शुरुआत में 1-4 दिसंबर के लिए 3485 किमी का जोन घोषित किया गया था, जो बाद में रद्द हो गया। अब नई तारीखों के साथ रेंज को 3550 किमी तक बढ़ाया गया है, जो किसी उन्नत सामरिक मिसाइल की टेस्टिंग का संकेत देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षण परमाणु-सक्षम सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) K-4 का हो सकता है, जिसकी रेंज करीब 3500 किमी है। यह मिसाइल INS अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बियों से लॉन्च की जा सकती है। वैकल्पिक रूप से, अग्नि सीरीज की कोई उन्नत मिसाइल भी शामिल हो सकती है। यह परीक्षण ओडिशा के चंदीपुर या विशाखापत्तनम तट से किया जा सकता है।
यह कदम भारत की ‘बैस्टियन स्ट्रैटेजी’ का हिस्सा है, जिसमें बंगाल की खाड़ी को सुरक्षित क्षेत्र बनाकर परमाणु पनडुब्बियों की तैनाती की जाती है। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि, सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस तरह के परीक्षण क्षेत्रीय स्थिरता और आत्मनिर्भर रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
परीक्षण के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया जाएगा। इससे भारत की मिसाइल तकनीक में नई उपलब्धि दर्ज होने की उम्मीद है।
