राजनीति

घुसपैठियों पर सीएम योगी का सख्त रुख: जनता के नाम खुला पत्र जारी, बोले- ‘सतर्क रहें, पहचान सत्यापित करें’

घुसपैठियों पर सीएम योगी का सख्त रुख: जनता के नाम खुला पत्र जारी, बोले- ‘सतर्क रहें, पहचान सत्यापित करें’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जनता के नाम एक खुला पत्र जारी किया है। पत्र में उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि घरेलू या व्यावसायिक कार्यों के लिए किसी भी व्यक्ति को नियुक्त करने से पहले उसकी पहचान की पूरी जांच कर लें। यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया गया, जिसमें सीएम ने कहा कि राज्य की सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव और मजबूत कानून-व्यवस्था उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पत्र की शुरुआत में सीएम ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि घुसपैठियों के लिए ‘लाल कालीन’ नहीं बिछाया जा सकता। “यह स्पष्ट करता है कि घुसपैठिए किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं। संसाधन नागरिकों के लिए हैं, घुसपैठियों के लिए नहीं,” पत्र में लिखा है। उन्होंने आगे कहा, “राज्य में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजने के लिए दस्तावेजों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।”

यह पत्र 7 दिसंबर को जारी किया गया, जब राज्य पुलिस ने घुसपैठियों के खिलाफ व्यापक अभियान तेज कर दिया। 17 नगर निकायों में संदिग्ध विदेशी श्रमिकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई रोहिंग्या और बांग्लादेशी व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेजों से आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य भारतीय दस्तावेज प्राप्त करने का प्रयास किया था। सीएम ने जोर देकर कहा, “राज्य की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, क्योंकि सुरक्षा ही समृद्धि का आधार है।” उन्होंने सभी स्थानीय निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची तैयार करने और डिटेंशन सेंटरों में भेजने के निर्देश दिए हैं।

यह अभियान नवंबर 2025 में शुरू हुआ था, जब सीएम ने सभी जिलाधिकारियों को घुसपैठियों की तत्काल पहचान, डिटेंशन सेंटर स्थापित करने और निर्वासन के आदेश दिए थे। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद हिंदुओं पर हमलों की घटनाओं ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का केंद्र बना दिया। बीजेपी ने इसे 2025 विधानसभा चुनावों में प्रमुख मुद्दा बनाया, जहां घुसपैठ और जनसांख्यिकीय असंतुलन ने पार्टी को फायदा पहुंचाया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम 2026-2027 के यूपी चुनावों की तैयारी का हिस्सा हो सकता है, जहां योगी की ‘कठोर प्रशासक’ छवि को मजबूत किया जा रहा है।

विपक्ष ने अभियान की सराहना की, लेकिन मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी कि यह निर्दोष प्रवासियों को निशाना न बनाए। फिलहाल, अभियान में सैकड़ों संदिग्धों की जांच चल रही है, और डिटेंशन सेंटरों में रखे गए व्यक्तियों को विधिवत निर्वासित किया जाएगा। सीएम का यह पत्र जनता को सतर्क करने का प्रयास है, जो राज्य में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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