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वास्तु दोष दूर करने के 7 सबसे सरल और प्रभावी रोजाना उपाय – 5 मिनट में घर में सकारात्मक ऊर्जा

वास्तु दोष दूर करने के 7 सबसे सरल और प्रभावी रोजाना उपाय – 5 मिनट में घर में सकारात्मक ऊर्जा

घर में बार-बार बीमारी, पैसा रुकता नहीं, झगड़े होते रहते हैं या मानसिक तनाव बना रहता है? ज्यादातर मामलों में वास्तु दोष ही जिम्मेदार होता है। अच्छी बात यह है कि बिना तोड़-फोड़ और खर्च के रोजाना ये 7 छोटे-छोटे उपाय करके आप 90% वास्तु दोष खुद-ब-खुद दूर कर सकते हैं।

सुबह सबसे पहले नमक वाला पोछा लगाएं

हर रोज़ सुबह 1 मुट्ठी सेंधा नमक (या समुद्री नमक) पानी में डालकर पूरे घर में पोछा लगाएं। यह नकारात्मक ऊर्जा सोख लेता है। शुक्रवार को छोड़कर बाकी 6 दिन जरूर करें।

मुख्य द्वार पर रोज स्वास्तिक बनाएं

सुबह स्नान के बाद गंगाजल या साधारण जल में थोड़ी केसर मिलाकर मुख्य द्वार के दोनों तरफ ऊपर की ओर स्वास्तिक बनाएं। इससे लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।

शाम को 7 बजे के बाद तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं

रोज शाम 7 से 7:30 के बीच तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और 11 बार “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र बोलें। घर का वास्तु दोष और पितृ दोष दोनों दूर होते हैं।

रसोई में रोज एक चुटकी हल्दी डालकर खाना बनाएं

खाना बनाते समय सबसे पहले गैस जलाकर उस पर एक चुटकी हल्दी डालें। इससे दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) का दोष दूर होता है और धन की कमी नहीं रहती।

रात को सोते समय पैरों के पास पानी का गिलास रखें

सोने से पहले बेड के दाहिनी तरफ (दक्षिण दिशा में सिर करके सोते हैं तो) तांबे या स्टील के गिलास में पानी भरकर रखें। सुबह उसे घर से बाहर किसी पौधे में डाल दें। नकारात्मक ऊर्जा पानी सोख लेता है।

हर शुक्रवार को सफेद फूलों की माला गणेश जी को चढ़ाएं

घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में गणेश जी की मूर्ति रखें और शुक्रवार को 11 या 21 सफेद फूलों की माला चढ़ाएं। मुख्य द्वार पर रुकावटें और वास्तु दोष दूर होते हैं।

रोज सुबह-शाम 11 बार हनुमान चालीसा की यह चौपाई पढ़ें

“संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा”

यह चौपाई घर के हर कोने में गूंजने से भूत-प्रेत, नजर दोष और वास्तु दोष तुरंत दूर होते हैं।

इन उपायों को लगातार 21-40 दिन तक करें। बिना फर्श तोड़े, बिना दिशा बदले ही घर में सुख-शांति और समृद्धि लौट आएगी।

वास्तु विशेषज्ञ पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री कहते हैं, “सबसे बड़ा वास्तु सुधार है – रोजाना सकारात्मक कर्म और श्रद्धा। बाकी सब अपने आप ठीक हो जाता है।”

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