बेनिन में सेना का लाइव टीवी पर तख्तापलट का दावा विफल, सरकार ने कही पूरी कहानी
बेनिन में सेना का लाइव टीवी पर तख्तापलट का दावा विफल, सरकार ने कही पूरी कहानी
पश्चिम अफ्रीका के देश बेनिन में रविवार सुबह एक हलचल भरा राजनीतिक ड्रामा सामने आया, जब एक छोटे समूह के सैनिकों ने राज्य टीवी पर लाइव आकर राष्ट्रपति पट्रिस टैलॉन को हटाने और सैन्य कमेटी के नेतृत्व में नई सरकार बनाने का ऐलान किया। लेकिन कुछ ही घंटों में सरकार ने इसे विफल बताते हुए साफ इनकार कर दिया। गृह मंत्री अलास्साने सेइदू ने कहा, “यह एक छोटी विद्रोह की कोशिश थी, जिसे बेनिन की वफादार सेना ने कुचल दिया। राष्ट्रपति सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है।”
सुबह करीब 5 बजे, आठ से अधिक सैनिकों ने हेलमेट पहनकर बेनिन टीवी पर हथियार लहराते हुए बयान जारी किया। वे खुद को ‘मिलिट्री कमेटी फॉर रिफाउंडेशन’ (सीएमआर) बता रहे थे और लेफ्टिनेंट कर्नल पस्कल टिग्री को उनका नेता घोषित किया। उन्होंने कहा, “उत्तरी बेनिन में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और शहीद सैनिकों की उपेक्षा के कारण हमने राष्ट्रपति टैलॉन को हटा दिया है। संविधान निलंबित, सभी संस्थाएं भंग, सीमाएं बंद। सेना भाईचारा, न्याय और काम के दौर का वादा करती है।” इस दौरान कोटोनू में गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं और राष्ट्रपति के आवास के पास हलचल बढ़ गई। फ्रांसीसी दूतावास ने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी।
विदेश मंत्री ओलुशेगुन अदजादी बाकारी ने रॉयटर्स को बताया, “यह छोटे समूह का प्रयास था। ज्यादातर सेना राष्ट्रपति के साथ वफादार है। हम टीवी सिग्नल को काट चुके हैं और नियंत्रण ले रहे हैं।” गृह मंत्री सेइदू ने फेसबुक पर वीडियो जारी कर पुष्टि की कि वफादार सैनिकों और नेशनल गार्ड ने बागियों को घेर लिया। उन्होंने कहा, “सेना ने गणतंत्र के प्रति अपनी शपथ निभाई। कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।” राष्ट्रपति कार्यालय ने भी ट्वीट कर टैलॉन की सुरक्षा की पुष्टि की।
यह घटना बेनिन के आगामी अप्रैल 2026 राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले हुई, जहां टैलॉन का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। टैलॉन, जिन्हें ‘कॉटन किंग’ कहा जाता है, 2016 से सत्ता में हैं और उनकी सख्त नीतियों की आलोचना होती रही है। जनवरी 2025 में दो सहयोगियों को 2024 के कथित तख्तापलट की साजिश में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। पश्चिम अफ्रीका में हाल के वर्षों में माली, बुर्किना फासो, नाइजर और गिनी-बिसाऊ में सैन्य तख्तापलट हुए हैं, लेकिन बेनिन 1991 से अपेक्षाकृत स्थिर रहा है।
क्षेत्रीय संगठन ईकोवास ने तख्तापलट की कोशिश की कड़ी निंदा की। प्रवक्ता ने कहा, “यह लोगों की इच्छा के खिलाफ है। हम बेनिन सरकार को समर्थन देंगे, जरूरत पड़े तो क्षेत्रीय फोर्स तैनात करेंगे।” अफ्रीकी संघ (एयू) ने भी इसे ‘निराशाजनक’ बताते हुए अस्वीकार किया। सोशल मीडिया पर प्रो-रूसी अकाउंट्स ने इसे सराहा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह जिहादी गतिविधियों से प्रेरित हो सकता है, जो उत्तरी बेनिन में बढ़ रही हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना पश्चिम अफ्रीका की नाजुक लोकतंत्र को उजागर करती है। हालांकि, सरकार का दावा है कि ‘सफाई अभियान’ चल रहा है और जल्द सामान्यcy बहाल हो जाएगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने शांति की अपील की है। यदि यह साजिशें जारी रहीं, तो बेनिन की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। फिलहाल, कोटोनू की सड़कें शांत हैं, लेकिन तनाव बरकरार है।
