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बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी: मथुरा, संभल और अयोध्या में हाई अलर्ट, ड्रोन-CCTV से कड़ी निगरानी

बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी: मथुरा, संभल और अयोध्या में हाई अलर्ट, ड्रोन-CCTV से कड़ी निगरानी

लखनऊ। 6 दिसंबर 2025 को बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मथुरा, संभल और अयोध्या जैसे शहरों में पुलिस, PAC, RRF और RAF की भारी तैनाती की गई है। ड्रोन, CCTV नेटवर्क और कमांड कंट्रोल सेंटर के जरिए 24×7 निगरानी हो रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यह अलर्ट हाल ही में दिल्ली के कार ब्लास्ट से जुड़े संदिग्धों के यूपी कनेक्शन के मद्देनजर और सख्त किया गया है।

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद परिसर को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित कर दिया गया है। यहां बैरिकेडिंग की गई है और क्षेत्र को दो जोन, चार सुपर जोन तथा आठ सेक्टरों में बांटा गया है। मथुरा एसएसपी (क्राइम) अवनिश मिश्रा ने बताया, “सभी बिंदुओं पर सघन चेकिंग हो रही है। बिना आईडी वाले व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिलेगा।” ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है, जबकि फ्लैग मार्च और फुट पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। इसी तरह, संभल में हाल के धार्मिक तनाव के बाद अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है, जहां सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।

अयोध्या में राम मंदिर परिसर के आसपास मल्टी-लेयर सिक्योरिटी है। एसएसपी गौरव ग्रोवर ने कहा, “4 दिसंबर से ही अतिरिक्त निगरानी शुरू हो गई है। वाहनों और आवासों की जांच हो रही है।” राम मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों पर फुट पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। वराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, कानपुर और प्रयागराज जैसे अन्य शहरों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। कुछ संवेदनशील व्यक्तियों की गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी गई है।

यह तारीख हिंदू संगठनों द्वारा ‘शौर्य दिवस’ और मुस्लिम समुदाय द्वारा ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाई जाती है। 1992 के विध्वंस के बाद देशभर में दंगे भड़के थे, जिसमें 1000 से अधिक लोग मारे गए थे। सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण तो हो गया, लेकिन मस्जिद विवाद अभी भी लंबित है। मथुरा का जन्मभूमि-ईदगाह विवाद और संभल के हालिया घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

प्रशासन ने अपील की है कि शांति बनाए रखें और अफवाहों से बचें। सोशल मीडिया पर उत्तेजक पोस्ट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अब तक कोई अप्रिय घटना रिपोर्ट नहीं हुई है, लेकिन अलर्ट 7 दिसंबर तक जारी रहेगा। यूपी पुलिस का कहना है कि शांति और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी इंतजाम पूरे हैं।

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