गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की NIA कस्टडी 7 दिन बढ़ी: सुरक्षा खतरे के बीच मुख्यालय में ही सुनवाई, कोर्ट ने लगाई मुहर
गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की NIA कस्टडी 7 दिन बढ़ी: सुरक्षा खतरे के बीच मुख्यालय में ही सुनवाई, कोर्ट ने लगाई मुहर
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई, जो जेल में बंद कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है, की NIA रिमांड को विशेष अदालत ने शुक्रवार को सात दिन और बढ़ा दिया। अब अनमोल 12 दिसंबर तक NIA की कस्टडी में रहेगा। सुरक्षा चिंताओं के चलते यह सुनवाई कोर्ट में नहीं, बल्कि NIA मुख्यालय में ही आयोजित की गई, जहां विशेष NIA जज प्रशांत शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर कार्रवाई की। यह फैसला अनमोल की ओर से लगाए गए जानलेवा खतरे के दावे के बाद लिया गया।
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, अनमोल ने पहले ही एक अर्जी दाखिल कर अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई का स्थान बदल दिया। NIA के विशेष लोक अभियोजक (SPP) राहुल त्यागी और अमित रोहिला ने सात दिन की कस्टडी बढ़ाने की मांग की, जिसमें उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान कुछ संवेदनशील जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी गहन जांच जरूरी है। दूसरी ओर, अनमोल के वकील राजनी और दीपक खत्री ने रिमांड विस्तार का विरोध किया। सुनवाई के बाद जज शर्मा ने सात दिन की कस्टडी मंजूर कर ली, हालांकि NIA ने 10 दिन की मांग की थी।
अनमोल बिश्नोई को नवंबर 2024 में अमेरिका के सैक्रामेंटो, कैलिफोर्निया से अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। FBI ने DNA और वॉयस सैंपल के जरिए उसकी पहचान की। 18 नवंबर को भारत प्रत्यर्पित होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 11 दिन की NIA कस्टडी में भेजा था, जिसे 29 नवंबर को सात दिन और बढ़ाया गया था। NIA का आरोप है कि अनमोल ने अपने भाई लॉरेंस के नेटवर्क के जरिए बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे आतंकी संगठनों से सांठगांठ की। दिल्ली और अन्य राज्यों में आतंकी हमलों के लिए फंड जुटाने, युवाओं की भर्ती और हथियारों की आपूर्ति में उसकी भूमिका थी। मार्च 2023 में NIA ने उसके खिलाफ 1,200 पेज का चार्जशीट दाखिल किया था। अनमोल NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
यह मामला हाई-प्रोफाइल है, जिसमें अनमोल पर NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या समेत कई अपराधों के आरोप हैं। शुक्रवार को ही कोर्ट ने अनमोल के वॉयस और हैंडराइटिंग सैंपल लेने की दो अर्जियां मंजूर कीं। वहीं, पंजाब पुलिस ने भी उसकी कस्टडी मांगी, लेकिन NIA ने विरोध किया और कहा कि जांच पूरी होने तक उसे सौंपना संभव नहीं।
जानकारों का कहना है कि अनमोल का प्रत्यर्पण लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को उजागर करने में अहम साबित हो रहा है, जो 9 देशों और 13 भारतीय राज्यों तक फैला हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर सुनवाई NIA मुख्यालय के सुरक्षित हिस्से में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा दिए गए धमकियों के कारण दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले ही सख्त सुरक्षा निर्देश दिए थे। फिलहाल, NIA पूछताछ जारी रखेगी, और अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। यह केस गैंग-टेरर लिंक्स को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
