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पौष माह कल से शुरू: इन 5 कामों से बचें वरना जीवन में आ सकती हैं बड़ी मुसीबतें!

पौष माह कल से शुरू: इन 5 कामों से बचें वरना जीवन में आ सकती हैं बड़ी मुसीबतें!

हिंदू पंचांग के अनुसार कल 5 दिसंबर 2025 से पौष माह प्रारंभ हो रहा है। यह माह अत्यंत पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसी में माघ स्नान, शाकंभरी जयंती, पौष पूर्णिमा और सूर्य का मकर राशि में प्रवेश (मकर संक्रांति) होता है। ज्योतिष शास्त्र और पुराणों में पौष को “तपस्याओं का महीना” कहा गया है। इस माह में किए गए छोटे-छोटे गलत कार्य भी बड़ा पाप लगते हैं और जीवन में भारी परेशानियां ला सकते हैं। पंडितों ने चेतावनी दी है कि पौष में ये 5 काम भूलकर भी न करें:

तुलसी तोड़ना या जलाना बंद करें

पौष में तुलसी का पत्ता तक नहीं तोड़ना चाहिए। शाम के बाद तो सख्त मनाही है। मान्यता है कि इस माह तुलसी माता गर्भवती होती हैं, पत्ता तोड़ने से गर्भपात जैसा पाप लगता है। घर में कलह और धन हानि होती है।

दही-छाछ का सेवन न करें

पौष में दही और छाछ खाना वर्जित है। पुराणों में कहा गया है कि इस माह दही खाने से शनि-राहु की दृष्टि बिगड़ती है। नौकरी-व्यापार में रुकावटें, कर्ज बढ़ना और स्वास्थ्य खराब होना तय है।

नए कपड़े न सिलवाएं और न पहनें

पौष में नए वस्त्र सिलवाना या पहनना अशुभ माना जाता है। इससे लक्ष्मी रुष्ट होती हैं और घर में दरिद्रता आती है। शादी-विवाह के रिश्ते भी टूट सकते हैं।

गंगा स्नान के बिना घर में पूजा न करें

पौष में बिना गंगा जल छिड़काव या स्नान के पूजा-पाठ करने से देवता रुष्ट होते हैं। पितर भी नाराज होते हैं। घर में नेगेटिव एनर्जी बढ़ती है और हर काम में विघ्न आता है।

ब्रह्मचर्य भंग न करें, मांस-मदिरा से दूर रहें

पौष में काम-वासना और मांस-शराब का सेवन सबसे बड़ा पाप है। इससे कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो जाता है, मानसिक रोग, पारिवारिक कलह और संतान सुख में बाधा आती है।

पंडित गणेश मिश्र कहते हैं, “पौष में सात्विक जीवन जिएं, सुबह सूर्य को अर्घ्य दें, गीता पाठ करें और स्नान-दान करें। इससे साल भर सुख-समृद्धि बनी रहती है।”

तो कल से पौष शुरू – इन 5 गलतियों से बचें, वरना परेशानियां दस्तक दे सकती हैं!

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