ऑस्ट्रेलिया का ऐतिहासिक फैसला: 16 साल से कम उम्र वालों पर फेसबुक-इंस्टा का ताला, बच्चों की सुरक्षा के लिए वर्ल्ड फर्स्ट बैन!
ऑस्ट्रेलिया का ऐतिहासिक फैसला: 16 साल से कम उम्र वालों पर फेसबुक-इंस्टा का ताला, बच्चों की सुरक्षा के लिए वर्ल्ड फर्स्ट बैन!
ऑस्ट्रेलिया ने बच्चों की डिजिटल दुनिया पर ब्रेक लगाने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। 10 दिसंबर से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, स्नैपचैट, एक्स (पूर्व ट्विटर), यूट्यूब, रेडिट, थ्रेड्स, किक और ट्विच जैसी 10 प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाने या रखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा। मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी) ने तो 4 दिसंबर से ही 13-15 साल के लगभग 5 लाख यूजर्स के अकाउंट डिएक्टिवेट करना शुरू कर दिया है, जिससे टीनएजर्स में हड़कंप मच गया है। यह दुनिया का पहला ऐसा कानून है, जो बच्चों की मेंटल हेल्थ और साइबरबुलिंग से बचाने के लिए लाया गया।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार के ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट (सोशल मीडिया मिनिमम एज) बिल 2024 को नवंबर 2024 में पास किया गया था। ईसेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट के मुताबिक, 10-15 साल के 96% बच्चों ने सोशल मीडिया इस्तेमाल किया है, जिसमें 3.5 लाख इंस्टाग्राम और 1.5 लाख फेसबुक अकाउंट्स शामिल हैं। सरकार का तर्क है कि ये प्लेटफॉर्म्स एडिक्टिव डिजाइन, हानिकारक कंटेंट, साइबरबुलिंग और ऑनलाइन प्रीडेटर्स से बच्चों को खतरे में डालते हैं। सर्वे में 77% ऑस्ट्रेलियाई इसका समर्थन करते हैं। प्लेटफॉर्म्स को उम्र वेरिफिकेशन के लिए ‘रिजनेबल स्टेप्स’ लेने होंगे—जैसे वीडियो सेल्फी, गवर्नमेंट आईडी या बैंक अकाउंट चेक। गलत ब्लॉकिंग पर यूजर्स अपील कर सकेंगे।
मेटा की ग्लोबल हेड ऑफ सेफ्टी एंटीगोने डेविस ने कहा, “हम कानून का पालन करेंगे, लेकिन उम्र चेकिंग में ‘नेचुरल एरर मार्जिन’ हो सकता है।” कंपनी ने ईमेल, एसएमएस और इन-ऐप नोटिफिकेशन भेजना शुरू कर दिया है। गलत प्रभावित यूजर्स 16 साल पूरे होने पर अकाउंट रीएक्टिवेट कर सकेंगे या डेटा डाउनलोड कर डिलीट। यूट्यूब बच्चों के लिए चाइल्ड-फ्रेंडली वर्जन रखेगा, जबकि व्हाट्सऐप, मेसेंजर किड्स और यूट्यूब किड्स जैसी ऐप्स इससे बाहर हैं।
फिर भी, आलोचक सवाल उठा रहे हैं। प्राइवेसी एडवोकेट्स का कहना है कि वीडियो सेल्फी जैसी टेक्नोलॉजी एडल्ट्स को गलत ब्लॉक कर सकती है और बच्चों को छिपकर ऐक्सेस करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। ईसेफ्टी कमिश्नर ने चेतावनी दी कि लिस्ट ‘स्टेटिक’ नहीं—रोब्लॉक्स और डिस्कॉर्ड जैसी गेमिंग साइट्स भी शामिल हो सकती हैं। डेनमार्क 15 साल से कम पर बैन प्लान कर रहा है, तो नॉर्वे विचाराधीन।
यह बैन बच्चों को ‘डिले’ ही देगा—लॉग्ड-आउट मोड में कंटेंट देख सकेंगे, लेकिन अकाउंट्स पर ताला। क्या यह बच्चों को सेफ रखेगा या डिजिटल डिवाइड बढ़ाएगा? ऑस्ट्रेलिया की नजर दुनिया पर है—शायद यह ट्रेंड सेटर बने!
