संसद के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन: SIR विवाद सुलझा, सेंट्रल एक्साइज बिल पास, प्रदूषण पर विपक्ष का जोरदार विरोध
संसद के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन: SIR विवाद सुलझा, सेंट्रल एक्साइज बिल पास, प्रदूषण पर विपक्ष का जोरदार विरोध
नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र अपने तीसरे दिन (3 दिसंबर 2025) में पहुंचा तो हंगामे की जगह कुछ हद तक सामान्यता नजर आई। पहले दो दिनों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष के विरोध के कारण सदन लगातार स्थगित होते रहे, लेकिन मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई ऑल-पार्टी मीटिंग के बाद गतिरोध टूट गया। लोकसभा में वंदे मातरम के 150वें वर्षगांठ पर बहस 8 दिसंबर को और चुनावी सुधारों (जिसमें SIR शामिल) पर 9 दिसंबर को चर्चा होगी। इस बीच, लोकसभा ने सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 को पारित कर दिया, जबकि राज्यसभा में भी महत्वपूर्ण कार्यवाही हुई। विपक्ष ने दिल्ली के प्रदूषण और लेबर कोड्स पर विरोध प्रदर्शन किया, जो संसद परिसर में मास्क पहनकर हुआ। कुल मिलाकर, सत्र का यह दिन विधायी प्रगति का रहा, लेकिन राजनीतिक तनाव बरकरार।
सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई। लोकसभा में सबसे पहले पेपर लेइंग हुई, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के दस्तावेज सदन के पटल पर रखे गए। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की 11वीं रिपोर्ट पर सदन की सहमति का प्रस्ताव पेश किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। यह रिपोर्ट सत्र के शेष एजेंडे को फाइनल करती है। रिजिजू ने कहा कि ऑल-पार्टी मीटिंग में सभी दलों ने सहमति जताई है, और अब सदन सुचारू रूप से चलेगा। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे सकारात्मक बताया, लेकिन चेतावनी दी कि SIR पर पूरी बहस होनी चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण घटना रही सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 का पारित होना। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे पेश किया, जो सेंट्रल एक्साइज एक्ट, 1944 में संशोधन करता है। बिल का मुख्य उद्देश्य जीएसटी कम्पेंसेशन सेस को बदलना है, जो तंबाकू उत्पादों (सिगरेट, चबाने वाला तंबाकू, सिगार, हुक्का, जर्दा और सुगंधित तंबाकू) पर लगता है। बिल पारित होने के बाद सरकार को तंबाकू पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी की दरें बढ़ाने की लचीलापन मिलेगा। सीतारमण ने सदन में कहा, “यह बिल स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा। तंबाकू से होने वाली बीमारियों पर कंट्रोल जरूरी है, और इससे मिलने वाली आय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और सुरक्षा योजनाओं के लिए इस्तेमाल होगी।” बिल में मशीनों पर मासिक लेवी का प्रावधान है—1.01 करोड़ से 25 करोड़ रुपये प्रति मशीन तक, जबकि मैनुअल यूनिट्स पर 11 लाख रुपये मासिक। विपक्ष ने इसे सराहा, लेकिन कुछ सदस्यों ने तंबाकू किसानों पर असर की चिंता जताई। बिल ध्वनिमत से पास हो गया।
राज्यसभा में भी कार्यवाही सुचारू रही। सदन ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बैंगलोर के काउंसिल पर सदन की सहमति का प्रस्ताव पारित किया, जो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेश किया। इसके अलावा, मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सेकंड अमेंडमेंट) बिल, 2025 पर लोकसभा से संदेश प्राप्त हुआ, जो पहले ही पास हो चुका है। राज्यसभा चेयरमैन जगदीप धनखड़ ने सदस्यों से अपील की कि सदन की गरिमा बनाए रखें। विपक्षी दलों ने SIR पर बहस की मांग दोहराई, लेकिन स्पीकर ने आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह चर्चा होगी।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन चरम पर रहा। इंडिया गठबंधन के सांसदों ने मकर द्वार पर मास्क लगाकर प्रदर्शन किया, जो दिल्ली-एनसीआर के जहरीले प्रदूषण के खिलाफ था। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, डीएमके की कनिमोझी और अन्य ने ‘पॉल्यूशन हटाओ, संसद चलाओ’ के नारे लगाए। हुड्डा ने कहा, “दिल्ली की हवा सांस लेने लायक नहीं बची। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पीएम मोदी को सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए। हरियाणा, पंजाब, यूपी, दिल्ली और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की समिति बने।” डीएमके सांसद पी. विल्सन ने दिल्ली को ‘गैस चैंबर’ कहा और संसद सत्र को विकेंद्रीकृत करने की मांग की। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सदन में ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर ड्रामेटिक विरोध किया। विपक्ष ने लेबर कोड्स के खिलाफ भी धरना दिया।
बीजेपी ने विपक्ष पर ‘ड्रामा’ का आरोप लगाया। सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “सरकार हमेशा बहस के लिए तैयार रही, लेकिन विपक्ष सदन चलने नहीं देना चाहता।” सांसद दिनेश शर्मा ने दो दिनों की बर्बादी का दोष विपक्ष पर डाला। पीएम मोदी ने बंगाल के बीजेपी सांसदों से मुलाकात की, जहां राज्य में कानून-व्यवस्था और SIR पर चर्चा हुई। सांसद राजू बिस्टा ने कहा, “पीएम ने बंगाल में एमपी पर हमले और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर ध्यान दिया। यह प्रेरणादायक बैठक थी।”
सत्र के दौरान अन्य चर्चाएं भी हुईं। लोकसभा में संचार साथी ऐप पर सवाल उठे, जहां विपक्ष ने प्राइवेसी कंसर्न जताए। स्वास्थ्य मंत्री ने टीवी चैनलों पर फेक न्यूज पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। संसद ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ICC वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 जीत पर बधाई दी।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि SIR पर बहस 2026 चुनावों से पहले महत्वपूर्ण होगी। विपक्ष इसे ‘वोटबंदी’ बता रहा है, जबकि सरकार इसे ‘साफ मतदाता सूची’ का कदम। सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जहां जन विश्वास बिल, इंसॉल्वेंसी कोड अमेंडमेंट और अन्य विधेयक लंबित हैं। आज का दिन विधायी सफलता का रहा, लेकिन प्रदूषण और लेबर मुद्दों ने विपक्ष को नई चिंगारी दी। क्या अगला सप्ताह शांतिपूर्ण रहेगा? इंतजार।
