पहले डिले, फिर 200 फ्लाइट कैंसिल… इंडिगो के यात्री परेशान, एयरलाइंस ने अब दी सफाई: क्रू शॉर्टेज और टेक ग्लिच जिम्मेदार
पहले डिले, फिर 200 फ्लाइट कैंसिल… इंडिगो के यात्री परेशान, एयरलाइंस ने अब दी सफाई: क्रू शॉर्टेज और टेक ग्लिच जिम्मेदार
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो ने मंगलवार (2 दिसंबर 2025) को देशभर में भारी फ्लाइट डिले और कैंसिलेशन का सामना किया, जिसके बाद बुधवार (3 दिसंबर) को हालात और बिगड़ गए। सुबह से ही दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख हवाईअड्डों पर 200 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल हो चुकी हैं, जबकि सैकड़ों फ्लाइट्स 5-7 घंटे या इससे ज्यादा लेट हुईं। यात्रियों में भारी गुस्सा है—सोशल मीडिया पर #IndiGoFail ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग रिफंड की मांग कर रहे हैं। इंडिगो ने सफाई देते हुए कहा कि यह टेक्नोलॉजी गड़बड़ी, एयरपोर्ट कंजेशन और ऑपरेशनल जरूरतों का नतीजा है।
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के डेटा के मुताबिक, मंगलवार को इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) सिर्फ 35% रही, जो स्पाइसजेट (82.5%) और एयर इंडिया (67.2%) से भी कम है। यह एयरलाइन का इस साल का सबसे खराब रिकॉर्ड है, जहां आमतौर पर OTP 80% से ऊपर रहती है। बुधवार को दिल्ली में 40, बेंगलुरु में 42, हैदराबाद में 19-31 (रिपोर्ट्स के मुताबिक), मुंबई में कई और चेन्नई में 12 फ्लाइट्स कैंसल हुईं। फ्लाइट रडार24 के अनुसार, तीनों बड़े एयरपोर्ट्स (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु) पर दोपहर 1 बजे तक 700 फ्लाइट्स डिले हुईं, जिनमें ज्यादातर इंडिगो की।
यात्रियों की परेशानी बयां करने को शब्द कम पड़ रहे हैं। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (RGIA) पर सैकड़ों यात्री फंस गए, जहां कैंसल फ्लाइट्स के बाद वैकल्पिक व्यवस्था की कमी ने हंगामा करा दिया। एक यात्री सीरत गर्वाल ने X पर पोस्ट किया, “इंडिगो ने आज सबसे खराब अनुभव दिया। 7 घंटे इंतजार के बाद कैंसलेशन, कोई रिफंड या होटल नहीं।” मुंबई में मुंबई-अहमदाबाद (6E 2347), वडोदरा (6E 5126) जैसी फ्लाइट्स कैंसल हुईं, जबकि वडोदरा-दिल्ली (6E 6662) में 5 घंटे की डिले हुई। बेंगलुरु में दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई से आने वाली 22 फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। कई यात्री रात भर एयरपोर्ट पर ही रुके, जहां खाने-पीने की व्यवस्था भी नाकाफी रही।
इंडिगो के स्पोक्सपर्सन ने स्टेटमेंट जारी कर सफाई दी, “पिछले कुछ दिनों में कई अनिवार्य डिले और कुछ कैंसिलेशन हुईं, जो टेक्नोलॉजी इश्यूज, एयरपोर्ट कंजेशन और ऑपरेशनल रिक्वायरमेंट्स की वजह से हैं। हमारी टीमें नॉर्मलाइज करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। प्रभावित ग्राहकों को वैकल्पिक फ्लाइट्स या रिफंड दिए जा रहे हैं। असुविधा के लिए खेद है।” लेकिन एयरपोर्ट सोर्सेज का कहना है कि असली वजह नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नॉर्म्स है, जो 1 नवंबर से लागू हुईं। इससे क्रू को ज्यादा रेस्ट मिला, लेकिन पायलट और कैबिन क्रू की कमी हो गई। मंगलवार को A320 सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन का भी असर पड़ा, जबकि बुधवार को मुंबई में कैबिन क्रू नो-शो ने हालात बिगाड़े। एक सोर्स ने बताया, “इंडिगो को क्रू को अलग-अलग बेस भेजना पड़ रहा है, लेकिन शॉर्टेज इतना है कि 200 फ्लाइट्स कैंसल हो गईं।”
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि इंडिगो, जो घरेलू यात्रियों का 60% हिस्सा संभालती है, को नए नियमों के लिए तैयार न होने की सजा मिल रही है। DGCA ने चेतावनी दी है कि अगर OTP 70% से नीचे रही तो जुर्माना लगेगा। यात्रियों से अपील है कि फ्लाइट स्टेटस चेक करें और वैकल्पिक एयरलाइंस चुनें। फिलहाल, इंडिगो ने क्रू रिक्रूटमेंट तेज किया है, लेकिन नॉर्मलाइजेशन में समय लगेगा। क्या यह विंटर ट्रैवल सीजन को प्रभावित करेगा? आने वाले दिनों में साफ होगा।
