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बेहद कम खर्च में कैब राइड: ओला ने लॉन्च किया ‘जीरो कमीशन मॉडल’, ड्राइवरों को फायदा, ग्राहकों को सस्ती सवारी

बेहद कम खर्च में कैब राइड: ओला ने लॉन्च किया ‘जीरो कमीशन मॉडल’, ड्राइवरों को फायदा, ग्राहकों को सस्ती सवारी

राइड-हेलिंग इंडस्ट्री में क्रांति आ गई है। ओला कंज्यूमर ने पूरे देश में ‘जीरो कमीशन मॉडल’ को लॉन्च कर दिया, जिससे कैब राइड्स बेहद किफायती हो जाएंगी। जून 2025 में शुरू हुई यह सर्विस अब ऑटो, बाइक और कैब सभी कैटेगरी में लागू हो चुकी है। ड्राइवर पार्टनर्स को पूरी फेयर अपनी जेब में रखने का मौका मिलेगा, जबकि ग्राहकों को कम सरचार्ज और डिस्काउंट्स के जरिए सस्ती राइड्स मिलेंगी। ओला का दावा है कि इससे 10 लाख से ज्यादा ड्राइवरों को लाभ होगा, और राइड्स की कीमत में 20-30 प्रतिशत तक की कमी आएगी।

ओला के प्रवक्ता ने कहा, “यह मॉडल राइड-हेलिंग बिजनेस में मौलिक बदलाव लाएगा। ड्राइवर अब 25-40 प्रतिशत कमीशन के जाल से मुक्त होंगे।” इसके तहत ड्राइवरों को 30-दिन का सब्सक्रिप्शन पास ₹2,010 (या रोजाना ₹67) का भुगतान करना होगा। इसके बदले वे पूरे दिन की कमाई खुद रख सकेंगे। यह कदम चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में ड्राइवरों के विरोध प्रदर्शनों का नतीजा है, जहां हाई कमीशन पर सड़कें जाम हो गई थीं। मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस (MVAG) 2025 के अनुरूप, अब सरचार्ज 2 गुना तक और ऑफ-पीक डिस्काउंट 50 प्रतिशत तक हो सकेगा।

ग्राहकों के लिए फायदा साफ है। पारंपरिक मॉडल में ओला-उबर की कमीशन कटौती फेयर बढ़ाती थी, लेकिन अब ड्राइवरों की बढ़ी कमाई से प्रतिस्पर्धा तेज होगी। उदाहरण के लिए, दिल्ली-एनसीआर में एक 10 किमी कैब राइड का किराया पहले ₹200-250 था, जो अब ₹150-180 तक सस्ता हो सकता है। ओला ने ‘ओला शेयर’ को भी री-लॉन्च किया, जो बेंगलुरु से शुरू होकर अन्य शहरों में फैलेगी। यह कारपूलिंग सर्विस राइड्स को और किफायती बनाएगी।

यह बदलाव उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों पर दबाव डालेगा, जो भी जीरो कमीशन की ओर बढ़ रही हैं। सरकार ने मार्च 2025 में ‘सहकार टैक्सी’ लॉन्च की, जो कोऑपरेटिव मॉडल पर आधारित है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे गिग इकोनॉमी मजबूत होगी, लेकिन ड्राइवरों को हेल्थ इंश्योरेंस (₹5 लाख) और टर्म इंश्योरेंस (₹10 लाख) जैसे बेनिफिट्स भी मिलेंगे। ओला के फाउंडर भाविश अग्रवाल ने कहा, “हम ड्राइवरों को सशक्त बना रहे हैं, ताकि ग्राहकों को बेहतर सर्विस मिले।”

सोशल मीडिया पर यूजर्स उत्साहित हैं। एक यूजर ने लिखा, “अब कैब राइड्स सस्ती, ट्रैफिक कम!” लेकिन कुछ ने चेतावनी दी कि सब्सक्रिप्शन फीस से ग्रामीण इलाकों में चुनौतियां हो सकती हैं। ओला का यह कदम भारतीय मोबिलिटी को नई दिशा देगा, जहां यूजर पेनेट्रेशन अभी सिर्फ 19 प्रतिशत है। फिलहाल, ऐप अपडेट कर इस सर्विस का लाभ लें।

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