कोलकाता में BLO का हंगामा: SIR दबाव से तंग BLOs ने EC दफ्तर पर चढ़े बैरिकेड, पुलिस से झड़प – 3 BLOs की मौत ने भड़काया आंदोलन!
कोलकाता में BLO का हंगामा: SIR दबाव से तंग BLOs ने EC दफ्तर पर चढ़े बैरिकेड, पुलिस से झड़प – 3 BLOs की मौत ने भड़काया आंदोलन!
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अत्यधिक काम के दबाव से तंग बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) ने सोमवार दोपहर को चुनाव आयोग (EC) के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) दफ्तर के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। BLO अधिकार रक्षा कमिटी के सदस्यों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, नारेबाजी की और पुलिस से धक्कामुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने SIR की समयसीमा दो महीने बढ़ाने, मृत BLOs के परिवारों को मुआवजा और ऑनलाइन डेटा एंट्री की जिम्मेदारी हटाने की मांग की। घटना के दौरान BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के दफ्तर पहुंचने पर हंगामा और बढ़ गया।
कॉलेज स्ट्रीट से मार्च निकालकर NSC बोस रोड स्थित CEO दफ्तर पहुंचे BLOs ने ताले-बेड़ियां लहराते हुए दफ्तर का मुख्य द्वार बंद करने का प्रतीकात्मक विरोध किया। नारों से गूंजा इलाका – “ECI सुन लो, आवाज दबाओ मत!”, “SIR बंद करो, जान बचाओ!”। प्रदर्शन में स्कूल-कॉलेज शिक्षक और पैरा-टीचर्स भी शामिल हुए। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ BLOs ऊपर चढ़ गए। झड़प में एक प्रदर्शनकारी घायल हो गया, जिसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाकर ज्ञापन सौंपने दिया गया। CEO मनोज अग्रवाल ने कहा, “कोई BLO सजा नहीं पाएगा, जब तक जानबूझकर देरी न हो। लेकिन हम दबाव नहीं डाल रहे।”
SIR अभियान 4 नवंबर से चल रहा है, जो 4 दिसंबर तक चलेगा। BLOs का आरोप है कि पोर्टल धीमा है, एडिट ऑप्शन नहीं, अतिरिक्त डेटा एंट्री, घर-घर सर्वे और राजनीतिक दबाव से वे टूट रहे हैं। BLO अधिकार रक्षा कमिटी की मירה साहा ने कहा, “तीन BLOs की मौत हो चुकी – दो ने सुसाइड किया, एक अस्वाभाविक मौत। हम बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन EC चुप है।” नादिया जिले की रिंकू तारफदार (51) की सुसाइड नोट में SIR तनाव का जिक्र था। अन्य मौतें पुरबा बर्धमान और जलपाईगुड़ी में हुईं।
BJP प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर TMC कार्यकर्ताओं ने काउंटर-प्रोटेस्ट किया, जिससे हंगामा और भड़क गया। BJP के तमोघ्न घोष ने TMC पर “गुंडों को भेजने” का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग रखा। CM ममता बनर्जी ने BLOs की मांगों को “जायज” बताया और कहा, “वे मेरे परिवार जैसे हैं। EC को सुनना चाहिए।” ECI ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सुरक्षा भंग पर रिपोर्ट मांगी।
प्रदर्शनकारियों ने दफ्तर के बाहर मंच बनाकर धरना देने की चेतावनी दी। BLO ओइक्या मंच ने डिजिटाइजेशन की समस्याओं पर अतिरिक्त स्टाफ की मांग की। विशेषज्ञों का कहना है कि SIR को आमतौर पर दो साल लगते हैं, लेकिन दो महीने में पूरा करना असंभव है। क्या EC समयसीमा बढ़ाएगा? कोलकाता की सड़कों पर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा।
