गीता जयंती 2025: 2 दिसंबर को मनाई जाएगी, इस एक छोटे से उपाय से होगा धन-वृद्धि और हर कष्ट दूर!
गीता जयंती 2025: 2 दिसंबर को मनाई जाएगी, इस एक छोटे से उपाय से होगा धन-वृद्धि और हर कष्ट दूर!
इस साल मोक्षदा एकादशी यानी गीता जयंती 2 दिसंबर 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवद्गीता का दिव्य ज्ञान दिया था। ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार इस दिन किया गया एक छोटा-सा उपाय जीवन में धन, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति ला सकता है।
गीता जयंती का शुभ मुहूर्त (2 दिसंबर 2025)
एकादशी तिथि प्रारंभ: 1 दिसंबर शाम 5:35 बजे से
एकादशी तिथि समाप्त: 2 दिसंबर शाम 7:58 बजे तक
पूजा का सबसे शुभ समय: सुबह 6:50 से 8:15 बजे तक
गीता पाठ का विशेष समय: शाम 5:30 से 7:00 बजे तक
धन लाभ और कष्ट निवारण का सबसे सरल उपाय
शास्त्रों और पंडितों के अनुसार गीता जयंती पर यह एक काम जरूर करें:
“स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवद्गीता के सातवें अध्याय (ज्ञान-विज्ञान योग) का पाठ करें और अंत में एक दीपक में घी डालकर भगवान विष्णु (या श्रीकृष्ण) के सामने जलाएं। पाठ के बाद सिर्फ 11 बार यह मंत्र बोलें –
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक पांडेय जी कहते हैं, “सातवां अध्याय धन-विज्ञान का अध्याय है। इस दिन इसका पाठ करने से कुंडली में बृहस्पति और शुक्र मजबूत होते हैं, जिससे धन आगमन के नए रास्ते खुलते हैं। जो लोग कर्ज या आर्थिक तंगी से परेशान हैं, उनके लिए यह अचूक उपाय है।”
अगर पूरा गीता पाठ न कर सकें तो सिर्फ ये करें:
सुबह स्नान कर पीले वस्त्र पहनें।
भगवान कृष्ण को तुलसी-पत्र और माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
गीता के सिर्फ 18वें अध्याय का एक श्लोक (18.66) 11 बार पढ़ें:
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥
एक घी का दीपक जलाकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” 108 बार जपें।
इस उपाय से न केवल धन की कमी दूर होती है, बल्कि मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और नौकरी-व्यापार की बाधाएं भी खत्म हो जाती हैं।
इस गीता जयंती पर भगवान कृष्ण की कृपा आप सभी पर बनी रहे।
