Monday, September 14, 2026
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“यह विराट है… ड्रोन हमला! मेडे!”: ब्लैक सी में रूसी टैंकर ‘विराट’ पर यूक्रेनी ड्रोन का हमला, जहाज धू-धू जल उठा

“यह विराट है… ड्रोन हमला! मेडे!”: ब्लैक सी में रूसी टैंकर ‘विराट’ पर यूक्रेनी ड्रोन का हमला, जहाज धू-धू जल उठा

काला सागर (ब्लैक सी): यूक्रेन-रूस युद्ध में एक नया मोड़ आ गया है। काला सागर में रूसी ‘शैडो फ्लीट’ के तेल टैंकर ‘विराट’ (Virat) पर शनिवार (29 नवंबर 2025) को यूक्रेनी नौसेना के ‘सी बेबी’ (Sea Baby) समुद्री ड्रोन ने हमला कर दिया, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई। टैंकर के क्रू ने आपातकालीन रेडियो कॉल में चिल्लाया, “यह विराट है… ड्रोन हमला! मेडे!” (This is Virat… drone attack! Help!)। यह हमला शुक्रवार को हुए पहले हमले के ठीक बाद हुआ, जिसमें दो टैंकरों—काइरोस (Kairos) और विराट—को निशाना बनाया गया। यूक्रेन की SBU (सिक्योरिटी सर्विस) ने हमले की जिम्मेदारी ली है, जबकि रूस ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।

हमले की पूरी कहानी: ड्रोन ने कैसे मचाई तबाही

शुक्रवार शाम को पहला हमला काइरोस टैंकर पर हुआ, जो गाम्बिया फ्लैग के तहत रूसी तेल ले जा रहा था। यह टैंकर तुर्की के तट से करीब 30 मील दूर था। यूक्रेनी SBU के एक अधिकारी ने CNN को बताया कि यह जॉइंट ऑपरेशन था, जिसमें SBU और नेवी ने ‘सी बेबी’ समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया। काइरोस में इंजन रूम में विस्फोट होने से जहाज डूबने लगा, लेकिन 25 क्रू मेंबर्स को तुर्की के रेस्क्यू बोट्स ने सुरक्षित निकाल लिया।

शनिवार सुबह विराट पर दूसरा हमला हुआ। यह टैंकर भी रूसी ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था, जो पश्चिमी प्रतिबंधों को चकमा देकर रूसी तेल की तस्करी करता है। विराट ने ओपन-फ्रीक्वेंसी पर डिस्ट्रेस कॉल जारी की, जिसमें क्रू ने ड्रोन अटैक की पुष्टि की। तुर्की के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अब्दुल्कादिर उरालोग्लू ने इसे “एक्सटर्नल इम्पैक्ट” बताया, जो माइन, रॉकेट या ड्रोन से हो सकता है। विराट में मामूली क्षति हुई, लेकिन क्रू सुरक्षित है। दोनों टैंकरों को अब सर्विस से बाहर कर दिया गया है।

यूक्रेन का दावा है कि ये हमले रूसी तेल की तस्करी पर करारा प्रहार हैं। SBU सोर्स ने कहा, “यह रूसी ऑयल ट्रांसपोर्टेशन को बड़ा झटका देगा।” रूस की ‘शैडो फ्लीट’ में सैकड़ों टैंकर हैं, जो अलग-अलग फ्लैग्स के तहत काम करते हैं। काइरोस और विराट दोनों ने हाल ही में बोस्फोरस स्ट्रेट पार किया था।

काला सागर में तनाव: नोवोरोसिस्क पर भी हमला

शनिवार सुबह काला सागर के रूसी पोर्ट नोवोरोसिस्क पर भी यूक्रेनी समुद्री ड्रोन ने हमला किया। कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम (CPC) के तेल टर्मिनल को निशाना बनाया गया, जिससे ऑपरेशंस सस्पेंड हो गए। कजाकिस्तान ने वैकल्पिक रूट्स पर तेल रीडायरेक्ट करने का ऐलान किया। नोवोरोसिस्क पहले भी कई बार निशाना बना है। रूस ने रक्षा मंत्रालय के बयान में 71 ड्रोन्स को डाउन करने का दावा किया।

तुर्की के अधिकारियों ने दोनों हमलों की जांच शुरू कर दी है। तुर्की के तट के पास ये हमले अंतरराष्ट्रीय जल सीमा को पार करने का सवाल उठा रहे हैं, जो तनाव बढ़ा सकता है।

युद्ध पर असर: यूक्रेन की नई रणनीति?

यह हमले यूक्रेन की नई समुद्री रणनीति का हिस्सा लगते हैं। 2022 से यूक्रेन ड्रोन से रूसी ब्लैक सी फ्लीट को टारगेट कर रहा है, लेकिन अब सिविलियन टैंकरों पर फोकस है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रूसी तेल निर्यात (जो प्रतिबंधों के बावजूद €60 मिलियन वैल्यू का तेल ले जाते हैं) को रोकने की कोशिश है। रूस ने इसे “पाइरेटिकल अटैक” बताया, लेकिन जवाबी कार्रवाई का ऐलान नहीं किया।

यह घटना युद्ध के 1000 दिन पूरे होने के बाद आई है, जहां यूक्रेन की ड्रोन तकनीक मजबूत हो रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

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