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कानपुर हाईवे पर डबल-डेकर बस बनी आग का गोला: 40 यात्रियों की बाल-बाल बची जान, पुलिस की बहादुरी से बचा बड़ा हादसा; 10 किमी लंबा जाम

कानपुर हाईवे पर डबल-डेकर बस बनी आग का गोला: 40 यात्रियों की बाल-बाल बची जान, पुलिस की बहादुरी से बचा बड़ा हादसा; 10 किमी लंबा जाम

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में नेशनल हाईवे-19 पर शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। दिल्ली से वाराणसी जा रही पलक ट्रैवल्स की लग्जरी डबल-डेकर स्लीपर बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। बस में सवार 35-40 यात्रियों की जान पर बनी रही, लेकिन पुलिसकर्मियों की फुर्ती और बहादुरी से सभी सुरक्षित बच निकले। हालांकि, लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। इस घटना के कारण रामादेवी चौराहे पर करीब 10 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे हाईवे पर हंगामा मच गया।

घटना गुरुवार रात करीब 11:30 बजे रामादेवी चौराहे के पास हुई। बस नौबस्ता से वाराणसी के लिए चली थी और उसमें ज्यादातर यात्री सो रहे थे। यात्रियों के अनुसार, आग सबसे पहले बस की छत पर रखे सामान से शुरू हुई। एक यात्री मंजीत झा ने बताया, “मैं दिल्ली से प्रयागराज जा रहा था। बस के ऊपर मेरा बैग रखा था, जिसमें 20 हजार रुपये थे। अचानक धुआं दिखा और आग भड़क उठी। मैंने खिड़की से कूदकर जान बचाई, लेकिन सामान सब जल गया।” इसी तरह, वाराणसी के हितेश ने कहा, “बस में अनावश्यक सामान भरा था। मैंने रात भर शिकायत की थी, लेकिन ड्राइवर ने अनसुना कर दिया। मेरा लाखों का सामान खाक हो गया।” एक महिला यात्री ने बताया कि उनकी लड्डू गोपाल की मूर्ति, लैपटॉप और 40 हजार के कपड़े-गहने सब नष्ट हो गए।

जैसे ही आग लगी, बस में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री खिड़कियों और दरवाजों से कूद पड़े, लेकिन ऊपरी बर्थ पर सो रहे लोग फंस गए। रामादेवी चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी दौड़ते हुए पहुंचे। थाना चकेरी की टीम ने बिना वक्त गंवाए धधकती बस में घुसकर यात्रियों को बाहर निकाला। एक पुलिसकर्मी ने बताया, “आग इतनी तेज थी कि बस आग का गोला बन चुकी थी। हमने जान जोखिम में डालकर 15-20 लोगों को बचाया।” ड्राइवर और क्लीनर आग लगते ही फरार हो गए, जिसकी जांच चल रही है।

सूचना मिलते ही चीफ फायर ऑफिसर दीपक शर्मा ने छह दमकल गाड़ियां मौके पर भेजीं। जाम के कारण दमकल वाहनों को पहुंचने में देरी हुई, लेकिन करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान हाईवे की दोनों लेनें जाम हो गईं। दिल्ली-हावड़ा रूट पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक रूट्स पर ट्रैफिक डायवर्ट किया, लेकिन जाम दोपहर तक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

पुलिस ने यात्रियों को दूसरी बसों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा, “घटना की जांच चल रही है। आग का कारण शॉर्ट सर्किट या ओवरलोडिंग लग रहा है। ड्राइवर-क्लीनर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।” विशेषज्ञों का मानना है कि बसों में सामान रखने की सीमाओं का पालन न करने से ऐसे हादसे होते हैं। यह घटना सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है, खासकर लंबी दूरी की लग्जरी बसों में। फिलहाल, कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन यात्रियों का सामान नष्ट होने से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों को सहायता का आश्वासन दिया है।

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