राजनीति

बिहार हार पर कांग्रेस की दिल्ली बैठक में हंगामा: टिकट विवाद से गाली-गलौज, एक नेता ने दी गोली मारने की धमकी

बिहार हार पर कांग्रेस की दिल्ली बैठक में हंगामा: टिकट विवाद से गाली-गलौज, एक नेता ने दी गोली मारने की धमकी

नई दिल्ली, 27 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उम्मीदों के उलट सिर्फ 6 सीटें हासिल करने वाली कांग्रेस में आंतरिक कलह चरम पर पहुंच गई। पार्टी आलाकमान ने हार की समीक्षा के लिए दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को शामिल होना था। लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही नेताओं के बीच तीखी तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई, जो गाली-गलौज और गोली मारने की धमकी तक पहुंच गई। सूत्रों के अनुसार, यह विवाद बाहरी उम्मीदवारों को टिकट देने के मुद्दे पर भड़का, जब तक राहुल-खरगे बैठक में पहुंचे नहीं थे।

बैठक एआईसीसी मुख्यालय में दोपहर 2 बजे निर्धारित थी। 61 उम्मीदवारों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन जैसे ही प्रदेश नेताओं का समूह इकट्ठा हुआ, हवा गरम हो गई। बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह के बीच शुरू हुई बहस ने तूल पकड़ लिया। राजेश राम ने आरोप लगाया कि अखिलेश सिंह ने ‘बाहरी चेहरों’ को टिकट दिलवाने के लिए हाईकमान को गुमराह किया, जिससे जमीनी कार्यकर्ता उपेक्षित हुए। अखिलेश ने पलटवार किया, “तुम्हारी सीट-शेयरिंग की लॉबी ने RJD के साथ सौदा किया, वरना हम 20 सीटें जीत जाते।” यह कहासुनी देखते ही देखते निजी हमलों में बदल गई, और एक नेता (सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश समर्थक) ने चिल्लाते हुए कहा, “ऐसे गद्दारों को गोली मार देनी चाहिए!” कमरे में सन्नाटा छा गया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत किया।

यह घटना बिहार कांग्रेस के पुराने घावों को फिर से कुरेद रही है। चुनाव से पहले ही टिकट वितरण पर बगावत हुई थी—11 सीटों पर महागठबंधन के सहयोगी आपस में भिड़े, जिससे वोट बंट गए। पूर्व विधायक सदानंद सिंह और रामचंद्र सिंह जैसे नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘टिकट चोरी’ का आरोप लगाया था। हार के बाद 7 नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित किया गया, लेकिन कलह थमी नहीं। महिलाओं को सिर्फ 8% टिकट मिलने पर प्रदेश महिला प्रमुख सरवत जहां फातिमा ने इस्तीफा दे दिया। राहुल गांधी ने बाद में बैठक में कहा, “यह ‘वोट चोरी’ की साजिश थी, लेकिन हमारी आंतरिक कमजोरी ने नुकसान पहुंचाया। SIR प्रक्रिया को चुनौती देंगे।”

खरगे ने बैठक समाप्त करते हुए कहा, “हम सबक लेंगे। बिहार इकाई का पुनर्गठन होगा।” लेकिन विपक्ष ने इसे मजाक उड़ाया। RJD के तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “कांग्रेस की कलह से गठबंधन कमजोर हुआ। अब सुधार कीजिए।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना इंडिया गठबंधन को चोट पहुंचाएगी, खासकर आगामी बंगाल और तमिलनाडु चुनावों से पहले। क्या गोली धमकी पर कोई कार्रवाई होगी? पार्टी ने इसे ‘भावुक प्रतिक्रिया’ बताया, लेकिन आंतरिक जांच के संकेत दिए। फिलहाल, कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ कैंपेन पर फोकस है, लेकिन आंतरिक एकता का संकट बरकरार। क्या यह बिहार हार का अंतिम अध्याय है?

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