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नूंह में ISI जासूसी का खुलासा: वकील रिजवान गिरफ्तार, पाकिस्तान को गोपनीय जानकारी भेजने का आरोप

नूंह में ISI जासूसी का खुलासा: वकील रिजवान गिरफ्तार, पाकिस्तान को गोपनीय जानकारी भेजने का आरोप

हरियाणा के नूंह जिले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में एक युवा वकील रिजवान की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को तावडू उपमंडल के खरखड़ी गांव से रिजवान को दबोचा। गुरुग्राम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले रिजवान पर देशद्रोह, जासूसी और आतंकी फंडिंग के गंभीर आरोप हैं। बुधवार देर रात अदालत में पेशी के बाद उसे 8 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, रिजवान पर आरोप है कि वह पाकिस्तान में रिश्तेदारों के बहाने आईएसआई के संपर्क में था। जांच में उसके मोबाइल से वॉट्सऐप चैट, कॉल डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्य मिले, जो संवेदनशील जानकारी—जैसे सेना की गतिविधियां और सरकारी संस्थानों की डिटेल्स—पाकिस्तान भेजने के सबूत देते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रिजवान हवाला नेटवर्क के जरिए पाकिस्तान से करोड़ों रुपये भारत लाता था, जो जासूसी, ड्रग तस्करी और आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल होता था। दिल्ली के लाल किले के पास हालिया विस्फोट की जांच के दौरान एनआईए को इसकी भनक लगी, जिसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत छापेमारी की गई।

रिजवान के परिवार का पाकिस्तान कनेक्शन भी जांच का केंद्र है। चाचा जाकिर हुसैन ने बताया कि 1947 के बंटवारे में परदादा के दो भाई पाकिस्तान चले गए थे, जबकि एक भारत में रह गया। “रिजवान कभी पाकिस्तान गया ही नहीं, बस फोन पर बातचीत होती थी,” उन्होंने दावा किया। लेकिन परिवार के सभी आरोपों को खारिज कर रहा है। रिजवान की गिरफ्तारी के महज 6 घंटों बाद उसके वकील दोस्त मुशर्रफ उर्फ परवेज को भी हिरासत में ले लिया गया। परवेज के भाई सेना में तैनात हैं, जो मामले को और संवेदनशील बनाता है। दोनों के लैपटॉप, मोबाइल और बैंक खातों की फोरेंसिक जांच चल रही है।

यह नूंह में इस साल की तीसरी जासूसी गिरफ्तारी है। मई में कांगरका गांव के मोहम्मद तारीफ और राजाका के अरमान को पाकिस्तानी करेंसी व संदिग्ध सामान के साथ पकड़ा गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि मेवात क्षेत्र में आईएसआई का नेटवर्क सक्रिय है, जो ऑनलाइन संपर्कों के जरिए युवाओं को फंसाता है। एनआईए ने संकेत दिया कि यह बड़ा रैकेट हो सकता है, जिसमें और गिरफ्तारियां होंगी।

रिजवान (उम्र 28) ने 2022 में कोरोना के बाद सोहना कोर्ट में वकालत शुरू की थी। अब इलाके में दहशत है, क्या रिमांड से बड़ा खुलासा होगा? जांच जारी है, लेकिन यह घटना भारत-पाकिस्तान सीमा सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर कर रही है।

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