राष्ट्रीय

US से मिला ग्रीन सिग्नल: कल बाजार बना सकता है नया रिकॉर्ड, 5 पावरफुल कारण

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) के दो अधिकारियों के बयानों से ‘ग्रीन सिग्नल’ मिला है, जो ब्याज दरों में कटौती का समर्थन करता है। इससे वैश्विक बाजारों में जोश आ गया है, और भारतीय शेयर बाजार कल (27 नवंबर 2025) रिकॉर्ड स्तर तोड़ने की दहलीज पर है। बुधवार को ही सेंसेक्स 1,022 पॉइंट्स उछलकर 85,609.78 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 300 पॉइंट्स चढ़कर 26,201.75 के ऊपर पहुंचा। GIFT निफ्टी भी 112 पॉइंट्स ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो पॉजिटिव ओपनिंग का संकेत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये तेजी कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, लेकिन 26,200-26,277 के रेजिस्टेंस को तोड़ना होगा।

कल रिकॉर्ड तोड़ने के 5 बड़े कारण:

US Fed की दर कटौती की उम्मीदें मजबूत: Fed के दो अधिकारियों ने ब्याज दरों में कटौती का समर्थन किया, जिससे US बाजारों में तेजी आई। इससे उभरते बाजारों जैसे भारत में विदेशी निवेशकों (FIIs) का प्रवाह बढ़ेगा। FIIs ने मंगलवार को ही ₹785 करोड़ की खरीदारी की, जो सेंटीमेंट को बूस्ट दे रही है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट: ब्रेंट क्रूड $62.48 प्रति बैरल तक लुढ़क गया, जो अक्टूबर 22 के बाद का निचला स्तर है। कम तेल कीमतें भारतीय कंपनियों के इनपुट कॉस्ट घटाती हैं, महंगाई की चिंता कम करती हैं और निवेशकों का भरोसा बढ़ाती हैं। ऑटो, एविएशन और FMCG सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा।

सकारात्मक वैश्विक संकेत: वॉल स्ट्रीट रात में हरे निशान पर बंद हुआ, जबकि एशियाई बाजार (निक्केई, हैंगसेंग) भी मजबूत ट्रेड कर रहे हैं। इससे भारतीय बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। प्रवीण गौर (स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट) के अनुसार, ये ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट ने डिप पर खरीदारी को प्रोत्साहित किया।

सेक्टरों में ब्रॉड-बेस्ड खरीदारी: सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए—मीडिया, ऑटो, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस, पावर, PSU, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मा, मेटल और PSU बैंक 1-2% ऊपर। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.2% चढ़े। टॉप गेनर्स में JSW स्टील, HDFC लाइफ, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और जियो फाइनेंशियल शामिल।

तकनीकी मजबूती और सपोर्ट लेवल: निफ्टी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज (9-DMA, 20-DMA) के ऊपर ट्रेड कर रहा है। 25,800-25,750 सपोर्ट मजबूत है, जबकि 26,400-26,500 का टारगेट नजर आ रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी बुलिश हैं, जो बाय-ऑन-डिप्स स्ट्रैटेजी को सपोर्ट करते हैं।

हालांकि, आर्थिक सर्वे 2025 ने चेतावनी दी है कि US बाजारों में सुधार भारतीय बाजारों पर ‘कैस्केडिंग इफेक्ट’ डाल सकता है। रुपये की कमजोरी (89.26 प्रति डॉलर) और FII आउटफ्लो पर नजर रखें। कल के ट्रेडिंग सेशन में वोलेटिलिटी रह सकती है, खासकर F&O एक्सपायरी के बाद। अधिक अपडेट्स के लिए NSE/BSE वेबसाइट चेक करें। क्या आप इनमें से किसी स्टॉक पर निवेश सोच रहे हैं?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *