गुवाहाटी टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक हार: साउथ अफ्रीका ने 408 रनों से हराकर 2-0 से जीती सीरीज
गुवाहाटी टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक हार: साउथ अफ्रीका ने 408 रनों से हराकर 2-0 से जीती सीरीज
भारतीय क्रिकेट टीम को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के हाथों करारी शिकस्त मिली। दूसरे टेस्ट में 408 रनों की करारी हार झेलते हुए भारत ने सीरीज 0-2 से गंवा दी। यह भारत की टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी हार है, जो 2004 में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 342 रनों की हार को पीछे छोड़ गई। साउथ अफ्रीका ने 25 साल बाद भारत में टेस्ट सीरीज जीती, जो उनके लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में साउथ अफ्रीका अब दूसरे स्थान पर कूद गया, जबकि भारत की रैंकिंग पर असर पड़ा।
मैच का फैसला पांचवें दिन साउथ अफ्रीकी स्पिनर साइमन हार्मर के धमाकेदार छह विकेटों से हुआ। भारत को 549 रनों का लक्ष्य मिला था, लेकिन वे दूसरी पारी में 140 रनों पर ढेर हो गए। हार्मर ने 6/48 के आंकड़े के साथ मैच का टर्निंग पॉइंट साबित किया। पहले टेस्ट में भी हार्मर ही हीरो थे, जहां उन्होंने 5 विकेट लेकर 30 रनों से जीत दिलाई थी। साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रन बनाए, जिसमें मार्को जानसेन के 93 और सेनुरन मुथुसामी के शतक (103) अहम रहे। दूसरी पारी में 260/5 पर घोषणा कर भारत पर दबाव बनाया। भारत की पहली पारी 201 पर सिमट गई, जबकि दूसरी में यशस्वी जायसवाल (13), केएल राहुल (0) और साई सुदर्शन (14) जैसे बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए। रवींद्र जडेजा ने 47 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन यह नाकाफी साबित हुई।
फील्डिंग में एडेन मार्कराम ने नौ कैच लपककर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया, जो अजिंक्य रहाणे के आठ कैचों के रिकॉर्ड को तोड़ गया। साउथ अफ्रीकी कप्तान टेंबा बावुमा ने कहा, “यह जीत खास है, क्योंकि हम 2019 और 2015 में यहां हारे थे। हमने सरल चीजों पर फोकस किया।” भारत के कोच गौतम गंभीर ने हार की जिम्मेदारी ली, “दोष मेरा है, लेकिन हम वापसी करेंगे।” कप्तान ऋषभ पंत ने अवसरों गंवाने पर अफसोस जताया।
यह भारत की घरेलू सरजमीं पर दूसरी लगातार व्हाइटवॉश है—पिछले साल न्यूजीलैंड ने 3-0 से हराया था। पहले टेस्ट में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में साउथ अफ्रीका ने 124 रनों का लक्ष्य डिफेंड किया, जहां हार्मर ने फिर कमाल किया। गुवाहाटी में पहली बार टेस्ट खेला गया, लेकिन यह भारत के लिए काला अध्याय साबित हुआ। WTC में साउथ अफ्रीका को 12 पॉइंट्स मिले, जबकि भारत को कुछ नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरी और स्पिन गेंदबाजी का कमजोर प्रदर्शन हार का कारण रहा। जडेजा और कुलदीप ने कुछ विकेट लिए, लेकिन साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों ने दबाव झेला। अब भारत को ODI सीरीज से वापसी करनी होगी, जो चार दिन बाद शुरू हो रही है। साउथ अफ्रीका का आत्मविश्वास चरम पर है, जबकि भारत को आत्ममंथन की जरूरत। यह हार न सिर्फ आंकड़ों में, बल्कि मनोबल पर भी गहरा आघात है।
