अन्तर्राष्ट्रीय

पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में अफगानिस्तान के 9 बच्चो की मौत: तालिबान ने कसम खाई बदला लेने की, सीमा पर तनाव चरम पर

पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में अफगानिस्तान के 9 बच्चो की मौत: तालिबान ने कसम खाई बदला लेने की, सीमा पर तनाव चरम पर

दक्षिण एशिया में तनाव के बादल फिर मंडराने लगे हैं। पाकिस्तानी वायुसेना ने सोमवार रात अफगानिस्तान के पूर्वी इलाकों पर हमला किया, जिसमें 9 बच्चे और एक महिला की मौत हो गई। तालिबान सरकार ने इसे “अफगान संप्रभुता का घोर उल्लंघन” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है और “समय आने पर करारा जवाब” देने की कसम खाई है। यह हमला पाकिस्तान में हालिया आतंकी घटनाओं के जवाब में किया गया, लेकिन काबुल का दावा है कि निशाना नागरिक घर थे। दोनों देशों के बीच अक्टूबर से चली आ रही सीमा झड़पों के बाद यह पहला बड़ा हमला है, जो क्षेत्रीय शांति के लिए खतरे की घंटी बजा रहा है।

हमले का विवरण: खोस्त प्रांत में नागरिकों पर बमबारी

तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि पाकिस्तानी सेना ने रात करीब 12 बजे खोस्त प्रांत के गर्बुज जिले के मुघलगई इलाके में वलीअत खान नामक एक नागरिक के घर पर बम गिराए। इस हमले में 9 बच्चे (5 लड़के और 4 लड़कियां) और एक महिला शहीद हो गई। घर पूरी तरह तबाह हो गया। मुजाहिद ने लिखा, “यह कायराना हमला अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन है। हम इसका जवाब देंगे।”

अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमले खोस्त, पक्तिका और कुनार प्रांतों में किए गए, जहां पाकिस्तान ने दावा किया कि TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों को निशाना बनाया। लेकिन काबुल का कहना है कि निशाने पर निर्दोष नागरिक थे। AFP की तस्वीरों में क्षतिग्रस्त घर और मलबे में दबे शव दिखाई दे रहे हैं। तालिबान ने इसे “अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन” बताते हुए पाकिस्तान से माफी की मांग की है।

तालिबान की कड़ी चेतावनी: “करारा जवाब देंगे”

तालिबान ने साफ शब्दों में कहा है कि यह हमला “समयबद्ध प्रतिक्रिया” का कारण बनेगा। प्रवक्ता मुजाहिद ने कहा, “पाकिस्तान ने अफगान मिट्टी का इस्तेमाल अपने आतंकी हमलों के लिए किया, लेकिन अब हम चुप नहीं बैठेंगे।”  तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है, खासकर कतर और तुर्की से, जो अक्टूबर में सीजफायर ब्रोकर कर चुके हैं।

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि यह हमला अक्टूबर में काबुल पर पाकिस्तानी ड्रोन हमलों का बदला लेने का हिस्सा है। तालिबान ने कहा, “हमने कभी पाकिस्तान को नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन अब सीमा पर सैन्य तैनाती बढ़ाई जा रही है।”

पाकिस्तान का रुख: TTP ठिकानों पर सटीक हमला

पाकिस्तान ने हमले की पुष्टि नहीं की, लेकिन आधिकारिक स्रोतों ने कहा कि यह TTP के ठिकानों पर “सटीक स्ट्राइक” था। इस्लामाबाद का दावा है कि अफगान मिट्टी से TTP पाकिस्तान पर हमले कर रहा है। हाल ही में पेशावर में एक सुसाइड बॉम्बिंग में 3 लोग मारे गए, जिसकी जिम्मेदारी TTP ने ली।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम अफगानिस्तान से TTP पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। काबुल का इनकार हमारी सुरक्षा को खतरा है।” लेकिन तालिबान ने हमेशा इनकार किया है कि अफगान मिट्टी का इस्तेमाल पाकिस्तानी उग्रवादियों के लिए हो रहा है।

पृष्ठभूमि: अक्टूबर से चली आ रही सीमा झड़पें

दोनों देशों के बीच तनाव अक्टूबर 2025 से बढ़ा, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर ड्रोन हमले किए। इसके जवाब में तालिबान ने सीमा पर गोलीबारी की, जिसमें दर्जनों सैनिक मारे गए। कतर में ब्रोकर हुए सीजफायर ने कुछ हफ्तों के लिए शांति लाई, लेकिन पेशावर हमले ने इसे तोड़ दिया। डुरांड लाइन (सीमा) को लेकर भी विवाद पुराना है—तालिबान इसे मान्यता नहीं देता।

इस तनाव से द्विपक्षीय व्यापार ठप हो गया है, और सीमा पार यात्रा बंद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष TTP को मजबूत कर सकता है, जो अफगान तालिबान से जुड़ा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: चिंता और मध्यस्थता की अपील

संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा। अमेरिका ने पाकिस्तान से “नागरिक हानि से बचने” की सलाह दी, जबकि चीन ने शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा। भारत ने भी चिंता जताई, क्योंकि यह क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित कर सकता है।

यह हमला दक्षिण एशिया में नई अस्थिरता ला सकता है। तालिबान का “बदला” क्या रूप लेगा, यह देखना बाकी है। फिलहाल, सीमा पर तैनाती बढ़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *