दिल्ली फार्महाउस से ₹262 करोड़ की मेथ बरामद: नोएडा का 25 वर्षीय ‘सेल्स मैनेजर’ निकला इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड
दिल्ली फार्महाउस से ₹262 करोड़ की मेथ बरामद: नोएडा का 25 वर्षीय ‘सेल्स मैनेजर’ निकला इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दिल्ली के छतरपुर इलाके के एक फार्महाउस से ₹262 करोड़ मूल्य की मेथाम्फेटामाइन (मेथ) बरामद कर एक बड़े इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यह कार्रवाई शनिवार (22 नवंबर 2025) को तीन दिनों की गहन निगरानी के बाद की गई, जिसमें नोएडा में रहने वाले 25 वर्षीय शेन वारिस उर्फ शेन को गिरफ्तार किया गया। वारिस, जो एक आईटी फर्म में सेल्स मैनेजर का काम करता था, सिंडिकेट का मास्टरमाइंड साबित हुआ। उसकी कबूतरबाजी पर NCB ने फार्महाउस पर छापा मारा, जहां 328.54 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन छिपाई गई थी।
घटना का पूरा विवरण:
NCB की दिल्ली जोनल टीम को गुप्त सूचना मिली कि NCR में एक बड़े ड्रग नेटवर्क का संचालन हो रहा है, जो विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर काम करता है। जांच में पता चला कि वारिस अमरोहा (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और नोएडा के एक सेक्टर में रहता है। वह फर्जी सिम कार्ड्स और पोर्टर-राइडर नेटवर्क का इस्तेमाल कर ड्रग्स की सप्लाई करता था। छापेमारी के दौरान फार्महाउस से मेथ के अलावा पैकेजिंग मटेरियल, वजन मशीन और मोबाइल फोन बरामद हुए। वारिस ने पूछताछ में कबूल किया कि वह विदेशी ऑपरेटर्स (संभावित रूप से दक्षिण पूर्व एशिया से) के संपर्क में था और NCR से ड्रग्स को देशभर में डिस्ट्रीब्यूट करता था।
NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (DDG) गौतम रवींद्र ने बताया, “यह सिंडिकेट हाई-टेक था। वारिस ने सेल्स मैनेजर की नौकरी को कवर बनाया और ऐप-बेस्ड डिलीवरी मॉडल अपनाया। बरामद मेथ की मात्रा इतनी है कि इससे लाखों डोज तैयार हो सकती थीं।” वारिस को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर 7 दिन की रिमांड पर लिया गया है। जांच में दिल्ली-NCR के अन्य संदिग्ध स्थानों पर निगरानी तेज कर दी गई है।
मास्टरमाइंड की प्रोफाइल और नेटवर्क:
शेन वारिस: 25 वर्षीय, अमरोहा मूल का, नोएडा में आईटी सेल्स मैनेजर। वह डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर ऑर्डर्स लेता था। NCB को शक है कि वह पिछले दो वर्षों से सक्रिय था और महीने में करोड़ों का कारोबार करता था।
सिंडिकेट का तरीका: फार्महाउस को स्टोरेज पॉइंट बनाया गया था। ड्रग्स को छोटे-छोटे पैकेट्स में बांटकर कूरियर सर्विसेज से भेजा जाता था। विदेशी कनेक्शन की जांच जारी, जिसमें थाईलैंड और म्यांमार के लिंक संभव।
अन्य बरामद सामान: 5 फर्जी सिम कार्ड्स, 2 लैपटॉप, और ₹10 लाख नकद।
NCB और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
NCB महादेवन राव ने कहा, “यह कार्रवाई ड्रग फ्री इंडिया अभियान का हिस्सा है। हम सिंडिकेट के अन्य सदस्यों को ट्रैक करेंगे।” दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच भी सहयोग कर रही है। यह घटना दिल्ली-NCR में बढ़ते ड्रग नेटवर्क को उजागर करती है, जहां हाल ही में नाइजीरियन कार्टेल और फर्जी ED रेड्स के मामले सामने आए। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में मेथ की लत बढ़ रही है, इसलिए जागरूकता जरूरी।
यदि आपके क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो NCB हेल्पलाइन 1933 पर कॉल करें। अधिक अपडेट के लिए NCB की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें।
