‘पुराने विकास मॉडल ने संसाधन छीने, अब समय है समावेशी विकास का…’ : G20 समिट में PM मोदी का जोरदार संदेश, ग्लोबल साउथ की आवाज बुलंद
‘पुराने विकास मॉडल ने संसाधन छीने, अब समय है समावेशी विकास का…’ : G20 समिट में PM मोदी का जोरदार संदेश, ग्लोबल साउथ की आवाज बुलंद
जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में 21-23 नवंबर 2025 को चल रहे G20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली सेशन में समावेशी और सतत विकास पर जोर देते हुए पुराने वैश्विक मॉडल की आलोचना की। शनिवार को दिए संबोधन में उन्होंने कहा, “पुराने विकास मॉडल ने संसाधनों को छीना और असमानता बढ़ाई। अब समय है कि हम विकास के पैमानों की समीक्षा करें और समावेशी विकास पर फोकस करें, जहां कोई पीछे न छूटे।” यह पहला मौका है जब अफ्रीकी महाद्वीप में G20 हो रहा है, और PM मोदी ने इसे ग्लोबल साउथ के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। साउथ अफ्रीका की थीम ‘सॉलिडैरिटी, इक्वालिटी एंड सस्टेनेबिलिटी’ के अनुरूप उनका संदेश विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को आगे रखता है।
G20 समिट 2025 का बैकग्राउंड: अफ्रीका की पहली मेजबानी
स्थान और समय: जोहान्सबर्ग, साउथ अफ्रीका (21-23 नवंबर)। भारत ने 2023 में दिल्ली में G20 की मेजबानी की थी, जहां अफ्रीकन यूनियन को स्थायी सदस्यता दी गई। साउथ अफ्रीका ने ब्राजील (2024) के बाद यह जिम्मेदारी संभाली।
मुख्य सेशन: तीन सेशन – पहला ‘इनक्लूसिव एंड सस्टेनेबल इकोनॉमिक ग्रोथ’ (ट्रेड, फाइनेंसिंग फॉर डेवलपमेंट, डेब्ट बर्डन), दूसरा ग्लोबल सिक्योरिटी (क्लाइमेट रिस्क), तीसरा जस्ट फ्यूचर (AI, क्रिटिकल मिनरल्स)।
PM मोदी की भूमिका: PM ने सभी सेशनों में बोलने के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने ऑस्ट्रेलियन PM एंथनी अल्बनीज से रक्षा, ट्रेड और टेक पर चर्चा की। IBSA (इंडिया-ब्राजील-साउथ अफ्रीका) मीटिंग में भी हिस्सा लिया।
PM मोदी के संबोधन की मुख्य बातें: समावेशी विकास पर फोकस
PM मोदी ने 45 मिनट के संबोधन में भारत के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ दर्शन को वैश्विक एजेंडा से जोड़ा। मुख्य बिंदु:
पुराने मॉडल की आलोचना: “पुराने विकास पैरामीटर्स ने ग्लोबल साउथ के संसाधनों का शोषण किया। अफ्रीका की G20 मेजबानी परफेक्ट मौका है कि हम समावेशी और सस्टेनेबल ग्रोथ पर रिफोकस करें।”
क्लाइमेट जस्टिस: विकासशील देशों पर जलवायु बोझ न डालें। विकसित राष्ट्र $1 ट्रिलियन क्लाइमेट फाइनेंस का वादा पूरा करें। भारत का LiFE (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) मॉडल ग्लोबल एक्जांपल।
डिजिटल और AI गवर्नेंस: AI को इक्विटेबल बनाएं। भारत का UPI मॉडल (5 बिलियन+ ट्रांजेक्शन) दिखाता है कि डिजिटल टूल्स गरीबी हटा सकते हैं। G20 को AI एथिक्स फ्रेमवर्क बनाना चाहिए।
ड्रग-टेरर नेक्सस: ड्रग्स और आतंकवाद के गठजोड़ के खिलाफ G20 पहल – ‘ड्रग-टेरर अलायंस’। ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल से सभी देशों को सपोर्ट।
ग्लोबल हेल्थकेयर: पैनडेमिक जैसी चुनौतियों के लिए वैक्सीन क्वाड (इंडिया, US, जापान, ऑस्ट्रेलिया) को मजबूत करें। अफ्रीका को प्राथमिकता।
ग्लोबल साउथ: G-77 और अफ्रीकी यूनियन की आवाज को G20 में जगह दें। डेब्ट सस्टेनेबिलिटी और क्रिटिकल मिनरल्स के लिए फेयर ट्रेड।
PM ने कहा, “भारत का विकसित भारत @2047 विजन सभी के लिए समृद्धि का रोडमैप है। G20 को यूनिटी प्लेटफॉर्म बनाना होगा।”
वैश्विक प्रतिक्रिया: तारीफों की बौछार
साउथ अफ्रीकन प्रेसिडेंट सिरिल रामाफोसा: “PM मोदी का विजन हमारी थीम से मेल खाता। भारत का सपोर्ट सराहनीय।”
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस: “मोदी की क्लाइमेट जस्टिस अपील मील का पत्थर।”
X पर ट्रेंड: #ModiAtG20 ने 5M+ मेंशन्स, यूजर्स ने “समावेशी विकास” को वायरल किया।
परिणाम और आगे की राह
समिट के अंत में ‘जोहान्सबर्ग डिक्लेरेशन’ जारी होगा, जिसमें क्लाइमेट फंड ($100 बिलियन), AI फ्रेमवर्क और डिजिटल इंफ्रा पर सहमति की उम्मीद। PM मोदी का यह संदेश भारत को ग्लोबल लीडर के रूप में मजबूत करता है। वीडियो PMO YouTube पर उपलब्ध। अपडेट्स के लिए MEA वेबसाइट चेक करें। l
