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व्हाइट कॉलर आतंकी नेटवर्क: जम्मू-कश्मीर में नया खतरा, 131 दहशतगर्द सक्रिय – पाकिस्तानी घुसपैठिए बढ़े, स्थानीय भर्ती लगभग शून्य!

व्हाइट कॉलर आतंकी नेटवर्क: जम्मू-कश्मीर में नया खतरा, 131 दहशतगर्द सक्रिय – पाकिस्तानी घुसपैठिए बढ़े, स्थानीय भर्ती लगभग शून्य!

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का नया रूप उभर रहा है – ‘व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क’। सरकारी और खुफिया एजेंसियों के अनुसार, वर्तमान में राज्य में 131 आतंकवादी सक्रिय हैं, जिनमें से 122 पाकिस्तानी घुसपैठिए हैं और मात्र 9 स्थानीय कश्मीरी। 2025 में अब तक सुरक्षा बलों ने 31 आतंकियों को मार गिराया है, लेकिन पारंपरिक संगठनों (लश्कर, जैश, हिज्बुल) ने सिर्फ एक स्थानीय युवक को भर्ती किया, जो जल्द ही ढेर हो गया। यह गिरावट आतंकवाद के स्थानीय स्तर पर कमजोर होने का संकेत है, लेकिन पाकिस्तान प्रायोजित ‘व्हाइट कॉलर’ नेटवर्क – जिसमें शिक्षित पेशेवर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर शामिल – अब लॉजिस्टिक्स, फंडिंग और रिक्रूटमेंट में सक्रिय हैं। यह खुलासा 21-22 नवंबर 2025 को इंडिया टुडे की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से सामने आया।

131 सक्रिय आतंकी: आंकड़े और ट्रेंड

कुल संख्या: 131 (122 पाकिस्तानी, 9 स्थानीय)। यह आंकड़ा ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के बाद पाकिस्तान में 100+ और PoK में 31 आतंकियों को मार गिराने के बावजूद स्थिर है।

स्थानीय भर्ती में गिरावट: 2025 में लगभग जीरो। युवा (20-25 वर्ष) हिंसा से दूर हो रहे हैं, जैसा XV कोर के Lt Gen पांडे ने कहा। 2021-2025 में 330 आतंकी मारे या सरेंडर।

पाकिस्तानी घुसपैठ: बॉर्डर पार कर लॉन्चपैड्स से घुसपैठ। ISI का हाथ, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अल-कायदा से जुड़े अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) सक्रिय।

व्हाइट कॉलर टेरर: शिक्षित पेशेवरों का खतरनाक जाल

यह नेटवर्क पारंपरिक हथियारबंद आतंक से अलग है – इसमें रेडिकलाइज्ड प्रोफेशनल्स (डॉक्टर, स्टूडेंट्स, ट्रेडर्स) पाकिस्तान-बेस्ड हैंडलर्स से संपर्क में रहते हैं। हाल के दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट (10 नवंबर 2025, 13 मारे गए) ने इसे उजागर किया। J&K पुलिस ने 15 दिनों में 8 गिरफ्तारियां कीं, 2,900 किलो IED मटेरियल (350 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित), AK-47, पिस्टल्स जब्त।

मुख्य आरोपी: 4 डॉक्टर – मुजम्मिल गनई (फरीदाबाद, अल-फलाह हॉस्पिटल), शाहीन (लखनऊ, AK-47 बरामद), अदील (सहारनपुर), आदि। ये पोस्टर चिपकाने, फंडिंग, IED प्रिपेयरेशन में शामिल।

नेटवर्क: JeM-AGuH से लिंक्ड, इंटर-स्टेट (J&K, हरियाणा, UP)। एन्क्रिप्टेड ऐप्स से कम्युनिकेशन, चैरिटी के नाम पर फंड कलेक्शन। फरीदाबाद यूनिवर्सिटी के आसपास 2,900 किलो एक्सप्लोसिव्स बरामद।

इतिहास: कश्मीर में पुराना – JKLF के HAJY क्वार्टेट (शिक्षित युवा) से शुरू। ISIS केरल रिक्रूट्स या श्रीलंका ईस्टर अटैक जैसे ग्लोबल उदाहरण।

दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन: अबगाम पुलिस स्टेशन धमाका

10 नवंबर को रेड फोर्ट के पास कार ब्लास्ट के बाद जांच में J&K लिंक्स मिले। 15 नवंबर को श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में IED सैंपल्स जांच के दौरान अनैच्छिक धमाका – 2 पुलिसकर्मी शहीद। Lt Governor मनोज सिन्हा ने J&K पुलिस को सराहा, कहा “पैन-इंडिया व्हाइट कॉलर मॉड्यूल तोड़ा, कई हमलों को रोका।”

सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति: आगे क्या?

क्रैकडाउन: NIA, NSG, दिल्ली-J&K-UP-हरियाणा पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन। OGW (ओवरग्राउंड वर्कर्स) पर फोकस, साइबर मॉनिटरिंग बढ़ी।

चुनौतियां: सोशल मीडिया से रेडिकलाइजेशन, फंड फ्लो ट्रैकिंग। कम्युनल क्लैश का खतरा।

सफलता: 2025 में भर्ती शून्य, लेकिन पाक घुसपैठ रोकना प्राथमिकता।

यह नेटवर्क कश्मीर की पीढ़ीगत शिफ्ट दिखाता है – हिंसा से दूर, लेकिन रेडिकल आइडियोलॉजी बाकी। J&K पुलिस की बहादुरी (1,700 शहीद) सराहनीय। अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोत चेक करें।

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