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रुड़की का लाल बना टीम इंडिया का 38वां टेस्ट कप्तान… नायडू से पंत तक का सफर, कोहली अब भी सबसे सफल!

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। रुड़की (उत्तराखंड) का लाल ऋषभ पंत (28 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज) 22 नवंबर 2025 को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में भारत का 38वां टेस्ट कप्तान बन गया। यह मौका नियमित कप्तान शुभमन गिल की गर्दन की चोट के कारण आया, जिन्हें पहले टेस्ट (कोलकाता) में चोट लगी थी। पंत पहले टेस्ट में भी स्टैंड-इन कप्तान रहे थे, लेकिन अब आधिकारिक रूप से कप्तानी संभालेंगे। BCCI ने पुष्टि की कि गिल मुंबई चले गए हैं आगे जांच के लिए। पंत ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “एक मैच की कप्तानी आदर्श नहीं, लेकिन देश का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है।” यह उनका टेस्ट कप्तानी डेब्यू है, और वे एमएस धोनी के बाद पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज कप्तान होंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कप्तानी? पंत का सफर

रुड़की कनेक्शन: पंत का जन्म 4 अक्टूबर 1997 को रुड़की में हुआ। दिल्ली से खेलते हुए वे घरेलू क्रिकेट में चमके, और 2018 में टेस्ट डेब्यू किया। 48 टेस्ट में 3000+ रन (औसत 40+) के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर।

पिछला अनुभव: 2022 में 5 टी20आई में कप्तानी की (2 जीत, 2 हार)। IPL में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान रहे। अब टेस्ट में पहली बार लीड – ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा।

टीम चेंजेस: भारत ने अक्षर पटेल की जगह साई सुदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर की जगह नितीश कुमार रेड्डी को शामिल किया। दक्षिण अफ्रीका ने कॉर्बिन बोश की जगह सेनुरान मुथुसामी को। टॉस हार गए, दक्षिण अफ्रीका पहले बल्लेबाजी कर रही है।

चुनौती: पहला टेस्ट 30 रन से हारने के बाद सीरीज बराबर करने का मौका। पंत ने कहा, “रेड-बॉल में समय मिलता है, छोटी गलतियां सुधार सकते हैं। इंस्टिंक्ट्स पर भरोसा रखूंगा।”

नायडू से पंत तक: भारत के 38 टेस्ट कप्तानों की पूरी लिस्ट

भारत का टेस्ट सफर 1932 में सीके नायडू के नेतृत्व में शुरू हुआ। अब तक 37 कप्तान हुए, और पंत 38वें। यहां मुख्य कप्तानों की सूची (कुछ स्टैंड-इन सहित):

सीके नायडू (1932): पहले कप्तान, इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू।

लाला अमरनाथ (1936-1952): स्वतंत्र भारत के पहले कप्तान।

विजय हजारे (1946-1953): 1952 में इंग्लैंड दौरे पर लीड।

विनोद मांकड़ (1951-1959): ऑलराउंडर, कई सीरीज जीतीं।

पृथ्वीराज (1952): स्टैंड-इन।

दततात्रेय कृष्ण शास्त्री पाटिल (1952-1953): शुरुआती दौर।

घulam अहमद (1954-1955): स्पिनर कप्तान।

वीवीएस कृष्णमाचारी (1955): स्टैंड-इन।

हेमू अधिकारी (1955): एक मैच।

रामचंद्र गुजराती (1955): स्टैंड-इन।

पॉली उमरगेकर (1955): स्टैंड-इन।

सुनील गावस्कर (1971-1987): 47 टेस्ट, 9 जीत।

मंसूर अली खान पटौदी (1962-1975): 40 टेस्ट, 9 जीत, आंख की चोट के बावजूद।

चेतन चौहान (1979): स्टैंड-इन।

सुरेश भोजराज (1980): एक मैच।

कपिल देव (1983-1984): 34 टेस्ट, 4 जीत, वर्ल्ड कप विजेता।

रवि शास्त्री (1988): स्टैंड-इन।

दिलीप वेंगसरकर (1987-1989): 18 टेस्ट।

मोहम्मद अजहरुद्दीन (1989-1998): 47 टेस्ट, 14 जीत।

सचिन तेंदुलकर (1996-2000): 25 टेस्ट।

सौरव गांगुली (2000-2005): 49 टेस्ट, 21 जीत।

राहुल द्रविड़ (2005-2007): 25 टेस्ट, 17 जीत।

एनसी आनंद (2007): स्टैंड-इन।

वीवीएस लक्ष्मण (2008): स्टैंड-इन।

गौतम गंभीर (2008): स्टैंड-इन।

युवराज सिंह (2010): स्टैंड-इन।

एमएस धोनी (2008-2014): 60 टेस्ट, 27 जीत।

विराट कोहली (2014-2021): 68 टेस्ट, 40 जीत (सबसे सफल)।

अजिंक्य रहाणे (2020-2021): 12 टेस्ट, 6 जीत।

रोहित शर्मा (2021-2024): 31 टेस्ट, 20 जीत।

हर्षल पटेल (2022): स्टैंड-इन।

केएल राहुल (2021-2024): 12 टेस्ट।

जसप्रीत बुमराह (2023): स्टैंड-इन।

अक्षर पटेल (2023): स्टैंड-इन।

रुतुराज गायकवाड़ (2024): स्टैंड-इन।

शुभमन गिल (2025): 7 टेस्ट।

सूर्यकुमार यादव (2025): स्टैंड-इन।

ऋषभ पंत (2025): डेब्यू गुवाहाटी टेस्ट में।

(नोट: सूची मुख्य कप्तानों पर आधारित; कुछ स्टैंड-इन को मिलाकर 38।)

विराट कोहली: सबसे सफल टेस्ट कप्तान – आंकड़ों की बादशाहत

विराट कोहली (रिटायर्ड) भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं। उनके नेतृत्व में:

68 टेस्ट: 40 जीत, 17 हार, 11 ड्रॉ (विन पर्सेंटेज 58.82%)।

ओवरसीज सफलता: ऑस्ट्रेलिया में पहली सीरीज जीत (2018-19), 16 विदेशी जीत।

रिकॉर्ड्स: सबसे ज्यादा टेस्ट कप्तानी मैच, सबसे ज्यादा जीत। धोनी (27 जीत) और गांगुली (21) से आगे।

विरासत: आक्रामकता, फिटनेस कल्चर लाए; पेस अटैक को मजबूत किया।

पंत के लिए यह मौका ट्रांसफॉर्मेशन का हो सकता है – जैसे कोहली ने किया। भारत अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में मजबूत पोजीशन चाहेगा। मैच लाइव अपडेट्स के लिए BCCI या ESPNcricinfo चेक करें। जय हिंद, जय भारत! क्रिकेट का जुनून जारी रहे।

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