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ढाका भूकंप: मृतकों की संख्या 10 पहुंची, 100 से ज्यादा घायल, कई इमारतें ढहीं

ढाका भूकंप: मृतकों की संख्या 10 पहुंची, 100 से ज्यादा घायल, कई इमारतें ढहीं

21 नवंबर 2025 को सुबह करीब 10:38 बजे बांग्लादेश के नरसिंदी जिले (ढाका से लगभग 33 किमी दूर) में 5.5-5.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई महज 10 किमी थी। यह भूकंप ढाका सहित पूरे मध्य बांग्लादेश को हिला दिया, और झटके भारत के कोलकाता व पूर्वी राज्यों तक महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 5-6 बताई गई थी, लेकिन अब आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक यह 10 हो चुकी है, जबकि घायलों की संख्या 100 से अधिक (कुछ रिपोर्ट्स में 500 तक) बताई जा रही है। कई पुरानी इमारतों के हिस्से ढह गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

क्या हुआ था? घटना का विवरण

भूकंप का केंद्र: नरसिंदी का घोराशाल इलाका। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह मध्यम तीव्रता का भूकंप था, लेकिन कम गहराई के कारण सतह पर ज्यादा प्रभाव पड़ा।

झटके की अवधि: लगभग 26 सेकंड, लेकिन इतना तेज कि लोग सड़कों पर भाग आए। ढाका में इमारतें हिलीं, बिजली आपूर्ति बाधित हुई (7 पावर स्टेशन बंद, 1,100 मेगावाट की कमी)।

प्रभावित क्षेत्र: ढाका, नरसिंदी, नारायंगंज, गाजipur। भारत में कोलकाता में हल्के झटके महसूस हुए, लेकिन कोई नुकसान नहीं।

तत्काल प्रतिक्रिया: ढाका यूनिवर्सिटी के छात्र हॉस्टल से कूद पड़े, क्रिकेट स्टेडियम में बांग्लादेश-आयरलैंड मैच 3 मिनट रुका। सरकार ने इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया।

मृतक और घायल: आंकड़े और कारण

मृतक: कम से कम 10 लोग, जिनमें बच्चे और नवजात शिशु शामिल।

ढाका: 3-4 मौतें (पुरानी ढाका के बंगशाल इलाके में 5 मंजिला इमारत की रेलिंग गिरने से 3 पैदल यात्री मारे गए; एक मेडिकल छात्र सहित)।

नरसिंदी: 5 मौतें (इमारत के छत-दीवार ढहने से)।

नारायंगंज: 1 मौत (दीवार गिरने से नवजात की)।

घायल: 100 से ज्यादा (सरकारी आंकड़े), लेकिन विकिपीडिया व लोकल मीडिया के अनुसार 200-500 तक। ज्यादातर मामूले चोटें, लेकिन कुछ गंभीर। ढाका के अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़।

नुकसान: कई इमारतों की छतें, दीवारें और रेलिंग ढहीं। गारमेंट फैक्टरियों में मजदूर सड़कों पर भागे। आग भी लगी कुछ जगहों पर।

क्यों इतना नुकसान? विशेषज्ञों की राय

बांग्लादेश भूकंपप्रवण क्षेत्र में है (भारत-यूरेशिया प्लेट्स की टक्कर से), लेकिन मध्य इलाका कम सक्रिय। BUET के प्रोफेसर मेहदी अहमद अंसारी के अनुसार, 6 तीव्रता का झटका ज्यादातर इमारतें ढा सकता है। यह भूकंप “चेतावनी का घंटा” है – ढाका जैसे घनी आबादी वाले शहर में पुरानी इमारतें खतरे में।

राहत और सलाह: क्या करें?

सरकारी कदम: अंतरिम सरकार प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने शोक जताया, राहत कार्य तेज। स्वास्थ्य सलाहकार नुरजहां बेगम ने घायलों के इलाज पर जोर दिया।

सुरक्षा टिप्स:

भूकंप आने पर “ड्रॉप, कवर, होल्ड ऑन” करें।

पुरानी इमारतों में रहने वाले सतर्क रहें, इमरजेंसी किट तैयार रखें।

झटके महसूस होने पर बाहर न भागें, मजबूत चीज के नीचे छिपें।

अगर प्रभावित हैं, तो हेल्पलाइन (ढाका डिस्ट्रिक्ट एडमिन) से संपर्क करें।

यह घटना बांग्लादेश के लिए सबक है कि भूकंपरोधी निर्माण पर ध्यान दें। नवीनतम अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें। प्रभावितों के लिए शोक और मजबूत बने रहने की प्रा8र्थना! सुरक्षित रहें।

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