व्हाट्सएप ग्रुप्स को भूल जाइए! चैटजीपीटी ने लॉन्च किया अनोखा ग्रुप चैट फीचर, ऐसे काम करता है
व्हाट्सएप ग्रुप्स को भूल जाइए! चैटजीपीटी ने लॉन्च किया अनोखा ग्रुप चैट फीचर, ऐसे काम करता है
अगर आप व्हाट्सएप या टेलीग्राम के ग्रुप चैट्स से तंग आ चुके हैं, जहां बहसें लंबी खिंच जाती हैं और फैसले लेना मुश्किल हो जाता है, तो चैटजीपीटी का नया ग्रुप चैट फीचर आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। ओपनएआई ने गुरुवार को घोषणा की कि यह फीचर अब फ्री, गो, प्लस और प्रो प्लान्स के सभी यूजर्स के लिए ग्लोबली उपलब्ध है। पिछले हफ्ते जापान, न्यूजीलैंड, साउथ कोरिया और ताइवान में पायलट टेस्टिंग के बाद, पॉजिटिव फीडबैक पर इसे दुनिया भर में रोलआउट कर दिया गया। अब तक चैटजीपीटी एक सिंगल-प्लेयर टूल था, लेकिन यह फीचर इसे कोलैबोरेटिव प्लेटफॉर्म में बदल देगा।
यह फीचर GPT-5.1 मॉडल पर चलता है, जो चैटजीपीटी को सोशल बिहेवियर सिखाता है। यानी, यह कन्वर्सेशन का फ्लो समझता है और खुद तय करता है कि कब बोलना है या चुप रहना है। “@ChatGPT” टैग करके इसे कॉल कर सकते हैं, और यह इमोजी रिएक्शन भी दे सकता है। एक ग्रुप में मैक्सिमम 20 लोग जुड़ सकते हैं, जो इनवाइट लिंक या डायरेक्ट ऐड से जॉइन करेंगे। हर मेंबर को नाम, यूजरनेम और फोटो से शॉर्ट प्रोफाइल सेटअप करनी होगी। साइडबार में लेबल्ड चैट्स आसानी से दिखेंगे।
कैसे शुरू करें? चैटजीपीटी ऐप या वेब पर टॉप-राइट में “पीपल” आइकन पर टैप करें। मौजूदा चैट को कॉपी करके नया ग्रुप बनाएं – ओरिजिनल चैट अनछुआ रहेगा। अब ग्रुप में दोस्तों, फैमिली या को-वर्कर्स के साथ ट्रिप प्लान करें, डॉक्यूमेंट्स को-राइट करें, डिबेट सॉल्व करें या रिसर्च शेयर करें। चैटजीपीटी सर्च, समरी और ऑप्शन्स कंपेयर करके मदद करेगा। उदाहरण के लिए, ग्रुप डिनर प्लानिंग में यह रेस्टोरेंट सजेशन्स देगा, बजट कैलकुलेट करेगा और लोकेशन शेयर करेगा।
प्राइवेसी पर फोकस: ग्रुप चैट्स में चैटजीपीटी की मेमोरी फीचर ऑफ रहेगी। पर्सनल चैट्स का डेटा ग्रुप में शेयर नहीं होगा, और कोई भी मेंबर (क्रिएटर को छोड़कर) किसी को रिमूव कर सकता है। एजुकेशन, एंटरप्राइज और बिजनेस सब्सक्रिप्शन वालों को अभी एक्सेस नहीं मिलेगा।
ओपनएआई के मुताबिक, यह फीचर चैटजीपीटी को “सिंगल-प्लेयर” से “शेयर्ड एक्सपीरियंस” में बदलने की शुरुआत है। भविष्य में यह और एक्टिव रोल निभाएगा, जैसे प्लानिंग या क्रिएटिव टास्क्स में। माइक्रोसॉफ्ट का कोपायलट भी इसी तरह का फीचर लाया था, लेकिन चैटजीपीटी की यूजर बेस (करीब 2 अरब) इसे बड़ा बना देगा।
व्हाट्सएप ग्रुप्स की तुलना में यह AI-पावर्ड है, जहां बॉट हमेशा हेल्पर की भूमिका में रहता है। यूजर्स ने टेस्टिंग में कहा कि यह कोलैबोरेशन को आसान बनाता है, बिना कॉपी-पेस्ट की जरूरत। अगर आप फ्री यूजर हैं, तो जल्दी लॉगिन करें और ट्राई करें – आने वाले दिनों में फुल रोलआउट हो जाएगा। यह न सिर्फ प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि AI को सोशल बनाकर नई क्रांति लाएगा!
