पाकिस्तान के पंजाब में गोंद फैक्ट्री में भयानक विस्फोट: 15 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 7 घायल
पाकिस्तान के पंजाब में गोंद फैक्ट्री में भयानक विस्फोट: 15 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 7 घायल
फैसलाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के औद्योगिक शहर फैसलाबाद में शुक्रवार सुबह एक गोंद बनाने वाली केमिकल फैक्ट्री में भयानक विस्फोट से 15 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा मलिकपुर इलाके की एक फैक्ट्री में सुबह करीब 5:28 बजे हुआ, जब बायलर में गैस लीक के कारण जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री का एक हिस्सा ढह गया और आसपास की इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे मलबे में कई लोग दब गए।
फैसलाबाद डिप्टी कमिश्नर राजा जहांगीर अनवर ने बताया कि रेस्क्यू 1122 की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने का काम शुरू किया। “अभी तक 15 शव बरामद हो चुके हैं और 7 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। मलबे में और लोग फंसे होने की आशंका है, इसलिए सर्च ऑपरेशन जारी है,” उन्होंने कहा। शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे बायलर विस्फोट बताया गया, लेकिन कमिश्नर के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री में बायलर नहीं था और हादसे का कारण गैस लीक था। पुलिस ने फैक्ट्री मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मालिक घटना के तुरंत बाद फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है।
पंजाब की चीफ मिनिस्टर मरियम नवाज शरीफ ने हादसे पर गहरा शोक जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज का निर्देश दिया और फैसलाबाद कमिश्नर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। “यह दुखद घटना मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़ी करती है। दोषियों को सजा मिलेगी,” उन्होंने कहा। रेस्क्यू ऑपरेशन में 145 से अधिक रेस्क्यू वर्कर्स और 31 इमरजेंसी वाहन तैनात किए गए। वीडियो फुटेज में मलबे में फंसे लोगों को निकालते हुए रेस्क्यू टीमों की हलचल दिखाई दे रही है।
यह हादसा पाकिस्तान में औद्योगिक सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करता है। पंजाब के टेक्सटाइल बेल्ट में बायलर विस्फोट और फैक्ट्री फायर आम हैं। 2024 में ही फैसलाबाद की एक टेक्सटाइल मिल में इसी तरह के विस्फोट से 12 मजदूर घायल हुए थे। 2023 में सियालकोट की एक फैक्ट्री में गैस लीक से कई मौतें हुईं। नेशनल ट्रेड यूनियन फेडरेशन (NTUF) के महासचिव नासिर मंसूर ने इसे “मजदूरों की हत्या” करार दिया और सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा और घायलों के मुफ्त इलाज की मांग की।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी मशीनरी, रखरखाव की कमी और सेफ्टी नियमों का पालन न होना इन हादसों का मुख्य कारण है। सरकार ने इलाके की अन्य केमिकल फैक्टरियों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। यह घटना न केवल फैसलाबाद बल्कि पूरे पंजाब के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की मांग को तेज कर रही है। मजदूर संगठनों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जबकि स्थानीय लोग फैक्ट्री मालिकों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर, यह त्रासदी पाकिस्तान की इंडस्ट्री को “डेथ ट्रैप” बनाने वाली लापरवाही का कड़वा सबक है।
