Thursday Worship: गुरुवार को किस-किस देवता की होती है पूजा? पूरी लिस्ट, सरल विधि, मंत्र और फायदे
Thursday Worship: गुरुवार को किस-किस देवता की होती है पूजा? पूरी लिस्ट, सरल विधि, मंत्र और फायदे
हिंदू धर्म में बृहस्पतिवार (गुरुवार) को सबसे शुभ दिन माना जाता है। यह दिन देवगुरु बृहस्पति का दिन है और मुख्य रूप से इन देवताओं की पूजा की जाती है:
मुख्य देवता जिनकी गुरुवार को पूजा होती है
भगवान विष्णु (नारायण)
देवगुरु बृहस्पति
श्री गणेश जी (विशेष रूप से सिद्धि विनायक रूप में)
श्री हयग्रीव अवतार (ज्ञान के देवता)
दत्तात्रेय स्वामी
साईं बाबा (हर गुरुवार को लाखों भक्त व्रत रखते हैं)
बुद्ध देव (बौद्ध परंपरा में)
यमुना माता (कुछ क्षेत्रों में)
श्री लक्ष्मी नारायण (युगल रूप में)
बृहस्पतिवार व्रत की सरल विधि
सुबह स्नान कर पीले या केसरिया वस्त्र पहनें।
पूजा स्थल पर पीला कपड़ा बिछाएं।
भगवान विष्णु, बृहस्पति, गणेश जी और साईं बाबा की मूर्ति/फोटो स्थापित करें।
केले का पेड़ (या केले की जड़) घर लाकर पूजा करें।
पीली वस्तुएं चढ़ाएं – हल्दी, चना दाल, बेसन के लड्डू, पीले फूल, केला।
घी का दीपक और धूप जलाएं।
व्रत में केवल फलाहार या एक समय पीला भोजन (बिना नमक) लें।
शाम को आरती करें और केले के पेड़ को जल चढ़ाएं।
महत्वपूर्ण मंत्र
विष्णु जी के लिए
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥
बृहस्पति देव के लिए
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः ॥
या
ॐ बृं बृहस्पतये नमः ॥ (108 बार जप)
गणेश जी के लिए
ॐ एकदन्ताय विह्ने वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंति प्रचोदयात् ॥
साईं बाबा के लिए
ॐ साईं राम ॥ या ॐ साईं नाथाय नमः ॥
बृहस्पतिवार व्रत के फायदे
गुरु की कृपा से ज्ञान, बुद्धि और धन में वृद्धि होती है।
विवाह में आ रही रुकावट दूर होती है।
संतान प्राप्ति और संतान सुख के लिए अचूक माना जाता है।
गुरु दोष, पितृ दोष और कुंडली में कमजोर बृहस्पति के उपाय के रूप में किया जाता है।
व्यापार-नौकरी में उन्नति और तरक्की मिलती है।
साईं बाबा का व्रत करने से हर मनोकामना पूरी होती है।
विशेष टिप
केले का पेड़ न हो तो केले के 5 या 11 फल चढ़ाकर किसी जरूरतमंद को दान करें।
व्रत कथा जरूर सुनें या पढ़ें (विष्णु पुराण या साईं सच्चरित्र की गुरुवार कथा)।
इस गुरुवार से ही शुरू करें – बस एक छोटा सा संकल्प लें और नियमितता रखें। गुरु की कृपा से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और शांति अवश्य मिलेगी।
