राजनीति

बिहार में स्पीकर पद पर सस्पेंस खत्म: बीजेपी के सीनियर लीडर प्रेम कुमार को मिल सकती है जिम्मेदारी

बिहार में स्पीकर पद पर सस्पेंस खत्म: बीजेपी के सीनियर लीडर प्रेम कुमार को मिल सकती है जिम्मेदारी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पद पर नीतीश कुमार की ताजपोशी तय होने के बाद अब विधानसभा स्पीकर के पद को लेकर चला आ रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और नौ बार विधायक चुने गए प्रेम कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह फैसला एनडीए के सहयोगी दलों की दिल्ली में चल रही बैठक में लगभग तय माना जा रहा है, जहां कैबिनेट विस्तार पर भी मंथन जारी है।

प्रेम कुमार, जो गया टाउन विधानसभा क्षेत्र से नौवीं बार जीते हैं, बीजेपी के पुराने दिग्गज हैं। वे वर्तमान में मंत्री भी हैं और पार्टी के अंदर अनुशासन समिति के प्रमुख रह चुके हैं। एनडीए की रणनीति के तहत स्पीकर पद बीजेपी को देने का फैसला लिया गया है, जबकि जेडीयू को डिप्टी स्पीकर का कोटा मिल सकता है। बीजेपी विधायक दल की बैठक 19 नवंबर को होगी, उसके बाद एनडीए विधानमंडल दल की संयुक्त बैठक में नाम की औपचारिक घोषणा संभव है। प्रेम कुमार के नाम पर विजय सिन्हा जैसे सीनियर नेताओं का समर्थन भी है, जो डिप्टी सीएम पद पर विचाराधीन हैं।

चुनाव नतीजों के अनुसार, एनडीए ने 243 सीटों में से 202 हासिल कीं, जिसमें बीजेपी को 130 और जेडीयू को 50 सीटें मिलीं। नीतीश कुमार 20 नवंबर को गांधी मैदान में दसवीं बार शपथ लेंगे। स्पीकर चुनाव 22 नवंबर को पहली विधानसभा बैठक में होगा, जहां प्रोटेम स्पीकर राज्यपाल द्वारा नियुक्त विधायक शत्रुघ्न प्रसाद सिंह सत्र की शुरुआत करेंगे। राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि प्रेम कुमार का चयन बीजेपी की मजबूत पकड़ को मजबूत करेगा, खासकर विधानसभा में विपक्ष के खिलाफ।

कैबिनेट विस्तार पर दिल्ली में अमित शाह की मौजूदगी में चर्चा तेज है। कुल 18-20 मंत्रियों का पैनल तय होगा, जिसमें बीजेपी को 10-12 और जेडीयू को 8-10 का हिस्सा मिलेगा। एलजेपी (रा), हम और आरएलएम जैसे सहयोगी दलों को भी एक-एक मंत्री पद की उम्मीद है। विपक्षी महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने इसे ‘एनडीए का आंतरिक समझौता’ बताते हुए कहा कि ‘सत्ता की कुर्सियां बांटने से बिहार के मुद्दे हल नहीं होंगे’।

यह फैसला बिहार की सियासत में संतुलन बनाए रखने की कोशिश है। प्रेम कुमार जैसे अनुभवी नेता का चयन विधानसभा को स्थिरता देगा, लेकिन डिप्टी स्पीकर पर जेडीयू की दावेदारी से थोड़ी खींचतान बाकी है। कुल मिलाकर, स्पीकर पद पर सस्पेंस खत्म होने से सरकार गठन की राह आसान हो गई है। बिहार की जनता अब सुशासन एजेंडे पर नजरें टिकाए हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *