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बिहार चुनाव: राजनीतिक बयानबाजी पड़ी भारी, स्वीप आइकॉन नीतू चंद्रा को चुनाव आयोग ने पद से हटाया

बिहार चुनाव: राजनीतिक बयानबाजी पड़ी भारी, स्वीप आइकॉन नीतू चंद्रा को चुनाव आयोग ने पद से हटाया

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के दिन टीवी चैनलों पर राजनीतिक बयानबाजी करना अभिनेत्री नीतू चंद्रा को महंगा पड़ गया। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उन्हें राज्य स्तरीय स्वीप (SVEEP) आइकॉन के पद से हटा दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि स्वीप आइकॉन का काम सिर्फ मतदाता जागरूकता तक सीमित था, न कि राजनीतिक टिप्पणियों का। यह फैसला वायरल वीडियो के बाद लिया गया, जिसमें नीतू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, अमित शाह और ‘डबल इंजन’ सरकार की तारीफ की, साथ ही ‘जंगलराज’ की याद दिलाई।

जुलाई 2025 में ECI ने नीतू चंद्रा और अभिनेता क्रांति प्रकाश झा को बिहार का स्टेट स्वीप आइकॉन नियुक्त किया था। इसका उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और हाशिए के समूहों में मतदान प्रतिशत बढ़ाना था। नीतू, जो पटना की मूल निवासी और नेशनल अवॉर्ड विजेता प्रोड्यूसर हैं, ने रैलियों, वीडियो संदेशों और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए काम किया। लेकिन 14 नवंबर को चुनाव नतीजों के दौरान एक अंग्रेजी न्यूज चैनल पर उनकी टिप्पणियां वायरल हो गईं। उन्होंने कहा, “नीतीश ने बहुत कोशिश की है। दो इंजन साथ में काम कर रहे हैं। आज के नतीजों के बाद ऐतिहासिक बदलाव होगा।” साथ ही, उन्होंने महिलाओं के मतदान पर NDA की तारीफ की और विपक्ष पर निशाना साधा।

ECI के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शनिवार को आदेश जारी कर नीतू को पद से हटा दिया। आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “स्वीप आइकॉन न्यूट्रल रहना चाहिए। राजनीतिक बयान कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन हैं।” इससे पहले, अक्टूबर में नीतू ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर अभियान शुरू किया था। नीतू ने बिहार की हर पार्टी से टिकट ऑफर होने का भी खुलासा किया था, लेकिन उन्होंने स्वीप आइकॉन बनना चुना।

नीतू चंद्रा ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सोशल मीडिया पर जहां कुछ यूजर्स आयोग की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ नीतू के समर्थन में। एक यूजर ने लिखा, “वोटर अवेयरनेस के लिए तो अच्छा काम किया, राजनीति में क्या बुराई?” वहीं, दूसरे ने कहा, “न्यूट्रल रहना चाहिए था।” क्रांति प्रकाश झा अभी पद पर बरकरार हैं।

यह घटना ECI की सख्ती को दर्शाती है, जो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जोर दे रही है। बिहार में मतदान प्रतिशत 65.68% रहा, जो 2020 के 57% से बेहतर था। विशेषज्ञों का कहना है कि सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट्स में न्यूट्रल रहना जरूरी है। क्या नीतू का यह विवाद बिहार की सियासत को नया मोड़ देगा? फिलहाल, ECI ने नए आइकॉन की तलाश शुरू कर दी है।

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