राजनीति

बिहार चुनाव: 243 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी, नीतीश कुमार की कैबिनेट मीटिंग कल सुबह 11:30 बजे

बिहार चुनाव: 243 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी, नीतीश कुमार की कैबिनेट मीटिंग कल सुबह 11:30 बजे

बिहार विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही 243 नवनिर्वाचित विधायकों की आधिकारिक सूची चुनाव आयोग ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सौंप दी है। एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नई सरकार गठन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए रविवार सुबह 11:30 बजे कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक में वर्तमान मंत्रिपरिषद भंग करने का प्रस्ताव पारित होने की संभावना है, जिसके बाद नीतीश राजभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। यह प्रक्रिया 18वीं विधानसभा के गठन की दिशा में पहला कदम है, जो 22 नवंबर तक पूरी होनी है।

चुनाव आयोग के अनुसार, 14 नवंबर को घोषित नतीजों में एनडीए ने 202 सीटें हासिल कर महागठबंधन को 35 सीटों पर सिमटा दिया। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी (89 सीटें), उसके बाद जेडीयू (85 सीटें)। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19, हम (सेक्युलर) को 8 और विकासशील इंसान पार्टी को 1 सीट मिली। महागठबंधन में आरजेडी को 22, कांग्रेस को 5, वाम दलों को 7 और अन्य को 1 सीट मिली। जनसुराज अभियान जैसी नई पार्टियां शून्य पर रही। नवनिर्वाचित विधायकों में जेडीयू से अनंत सिंह (मोकामा), महेश्वर हजारी (कल्याणपुर), हरि नारायण सिंह (हरनौत) जैसे दिग्गज शामिल हैं। भाजपा से राणा रणधीर सिंह (मधुबन) और आरजेडी से रामानंद यादव (फतुहा) ने जीत दर्ज की।

नीतीश कुमार ने शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और अन्य सहयोगियों से मुलाकात की, जहां कैबिनेट विस्तार और पोर्टफोलियो वितरण पर चर्चा हुई। जेडीयू नेता श्याम राजक ने कहा, “एनडीए के पांचों पांडव एकजुट हैं। नीतीश कुमार ही हमारे नेता हैं।” एलजेपी (आरवी) प्रमुख चिराग पासवान ने भी नीतीश से भेंट कर समर्थन दोहराया, कहा, “मेरी पार्टी नई सरकार में शामिल होना चाहती है। नीतीश कुमार ही सीएम बने।” सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण 17-20 नवंबर के बीच संभव है, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी शामिल हो सकते हैं। नीतीश का यह 10वां शपथ ग्रहण होगा, जो उनके ‘सुशासन बाबू’ छवि को मजबूत करेगा।

विपक्षी आरजेडी ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि यह ‘उतार-चढ़ाव का हिस्सा’ है, लेकिन पार्टी गरीबों की आवाज बनी रहेगी। तेजस्वी यादव ने कहा, “हम सदन में मजबूती से लड़ेंगे।” मायावती ने बसपा की एक सीट (रामगढ़) पर जीत का जश्न मनाया, लेकिन निष्पक्षता पर सवाल उठाए। जनसुराज के पवन वर्मा ने विश्व बैंक फंड के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने जीत को ‘सुशासन की सरकार’ बताते हुए विपक्ष के ‘जंगल राज’ नैरेटिव को खारिज किया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं को 10,000 रुपये ट्रांसफर जैसी योजनाओं ने एनडीए को फायदा पहुंचाया। जातिगत जनगणना और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे विपक्ष के लिए चुनौती बने। क्या नई सरकार विकास एजेंडे पर फोकस करेगी? 20 नवंबर को संभावित शपथ से पहले गांधी मैदान में तैयारियां तेज हैं। बिहार नई शुरुआत के लिए तैयार!

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